Lucknow अलीगंज अग्निकांड पर हाईकोर्ट सख्त, सरकार और LDA से मांगा जवाब, सभी कोचिंग सेंटरों का होगा फायर ऑडिट
Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और बिजली विभाग से जवाब मांगा
Lucknow: अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने इस घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और बिजली विभाग से जवाब मांगा है। अदालत ने निर्देश दिया है कि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएं न हों, इसके लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर पेश की जाए।
हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को आदेश दिया है कि प्रदेश की सभी व्यावसायिक इमारतों और कोचिंग सेंटरों का तुरंत ‘फायर सेफ्टी ऑडिट’ कराया जाए। कोर्ट ने साफ कहा है कि जिन इमारतों के पास वैध फायर NOC नहीं है या वहां सुरक्षा नियमों की अनदेखी हो रही है, उन्हें बिना किसी दबाव के तुरंत सील कर दिया जाए। इसके साथ ही बेसमेंट और संकरी गलियों में चल रही उन व्यावसायिक गतिविधियों को रोकने को कहा गया है, जहां इमरजेंसी एग्जिट या हवा के आने-जाने का सही रास्ता नहीं है।
इस मामले में LDA की आंतरिक जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में पाया गया कि जिस भवन में आग लगी, उसका नक्शा तो आवासीय उपयोग के लिए पास हुआ था, लेकिन वहां व्यावसायिक काम चल रहे थे। LDA ने इस मामले में 18 अधिकारियों को दोषी पाया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। यह भी बात सामने आई कि 2016 में जारी ध्वस्तीकरण आदेश को महज दो महीने में रद्द कर दिया गया था, जिस पर तत्कालीन अधिकारी दुर्गेश श्रीवास्तव की भूमिका की जांच हो रही है।
बिजली विभाग की लापरवाही भी उजागर हुई है, क्योंकि भवन मालिक ने फर्जी NOC के जरिए बिजली कनेक्शन लिया था, जिस पर अब FIR दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना के बाद राज्यव्यापी कार्रवाई के आदेश दिए हैं और अब तक चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला समेत चार आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं। एसआईटी (SIT) इस पूरे मामले की जांच कर रही है और जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। वहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी इस घटना पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी है।