Lucknow अग्निकांड: आरोपी इंजीनियरों की फाइलें तलब, कानपुर मंडलायुक्त ने LDA से मांगी जानकारी
UP/Lucknow: लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के मामले में अब निलंबित इंजीनियरों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कानपुर मंडलायुक्त विजयेन्द्र पांडियन ने इस मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपी इंजीनियरों की सर्विस फाइ
UP/Lucknow: लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के मामले में अब निलंबित इंजीनियरों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कानपुर मंडलायुक्त विजयेन्द्र पांडियन ने इस मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपी इंजीनियरों की सर्विस फाइल और आरोप पत्र मंगवाए हैं। अधिकारियों से पूछताछ के बाद यह तय किया जाएगा कि इस हादसे में किसकी कितनी लापरवाही थी।
मंडलायुक्त ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) से विशेष रूप से वीरेंद्र शुक्ल की बिल्डिंग के निर्माण में इंजीनियरों की भूमिका की जानकारी मांगी है। जांच में यह बात सामने आई है कि जिस बिल्डिंग में हादसा हुआ, उसका नक्शा सिर्फ रहने (आवासीय) के लिए पास हुआ था, लेकिन वहां कमर्शियल काम चल रहा था। साल 2016 में इस अवैध निर्माण को गिराने का आदेश भी दिया गया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया।
इस हादसे में 15 बच्चों की जान गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि बच्चों की मौत आग से जलने के कारण नहीं, बल्कि दम घुटने (सफोकेशन) की वजह से हुई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवार को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये देने का ऐलान किया था। केंद्र सरकार ने भी मुआवजे की घोषणा की है।
अब तक इस मामले में कुल 7 अधिकारी और कर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं, जिनमें संजय शुक्ला, आनंद मिश्रा, शिवेंद्र शुक्ला और हेमंत कुमार जैसे नाम शामिल हैं। एसआईटी (SIT) उन पीसीएस अधिकारियों की संपत्तियों की भी जांच कर रही है जो 2016 से 2026 के बीच एलडीए में तैनात थे। भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला फिलहाल जेल में हैं और उनकी बिल्डिंग को गिराने का नोटिस दिया गया है। अगर 7 जुलाई तक जरूरी दस्तावेज जमा नहीं होते हैं, तो अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा।