Lucknow में अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग पर चलेगा बुलडोजर, LDA ने चस्पा किया नोटिस

Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रशासन सख्त कार्रवाई मोड में है। जिस तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी, उसे अब गिराने की तैयारी पूरी हो चुकी है। लखनऊ विकास प्रा

Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद अब प्रशासन सख्त कार्रवाई मोड में है। जिस तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की जान गई थी, उसे अब गिराने की तैयारी पूरी हो चुकी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बिल्डिंग पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया है।

यह पूरी घटना अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित प्लॉट संख्या 102 की है, जहाँ 22 जून 2026 को आग लगी थी। जांच में पता चला कि इस इमारत का नक्शा सिर्फ रहने (आवासीय) के लिए पास हुआ था, लेकिन यहाँ अवैध रूप से कमर्शियल काम चल रहा था। साथ ही, बिल्डिंग में आग से बचाव के नियमों और सेटबैक नियमों की भी जमकर अनदेखी की गई थी। हैरान करने वाली बात यह है कि 2016 में भी इसे गिराने का आदेश आया था, लेकिन मालिक के हलफनामे के बाद कार्रवाई रुक गई थी।

LDA की अदालत ने 10 जुलाई 2026 को इस इमारत को ध्वस्त करने का अंतिम आदेश दे दिया है। यह कार्रवाई यूपी नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 की धारा 27(1) के तहत की जा रही है। LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ किया है कि निर्माण नियमों के उल्लंघन पर यह कदम उठाया गया है और साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की भी जांच की जा रही है।

विवरण जानकारी
इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला और अन्य
वर्तमान स्थिति वीरेंद्र शुक्ला जेल में, सुरेंद्र शुक्ला फरार (इनाम घोषित)
SIT की सिफारिश 7 IAS, 9 PCS और कई इंजीनियरों पर कार्रवाई की बात
समय-सीमा 10 जुलाई से 15 दिन का समय (25 जुलाई तक)
मानवाधिकार आयोग DM और पुलिस कमिश्नर से रिपोर्ट मांगी

LDA सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि भवन मालिकों को 15 दिन का समय दिया गया है कि वे खुद अवैध निर्माण हटा लें। अगर 25 जुलाई तक यह काम नहीं हुआ, तो LDA खुद बुलडोजर चलाकर बिल्डिंग गिराएगा और इसका पूरा खर्च मालिकों से वसूला जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी SIT ने अपनी रिपोर्ट पूरी कर ली है, जिसमें कई बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई है।