Lucknow अग्निकांड: बिल्डिंग से कूदने वाले जयंत की हालत गंभीर, 15 लोगों की मौत का कारण धुंआ निकला

Lucknow/UP: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इमारत से कूदकर जान बचाने की कोशिश क

Lucknow/UP: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इमारत से कूदकर जान बचाने की कोशिश करने वाले जयंत गुप्ता की हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज KGMU में चल रहा है।

26 साल के जयंत गुप्ता फिलहाल KGMU ट्रॉमा सेंटर के ICU में भर्ती हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, कूदने की वजह से उनकी रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) में गंभीर चोट आई है, जिसे ‘कम्प्लीट कॉर्ड इंजरी’ कहा जा रहा है। इस वजह से उनके दोनों पैर सुन्न हो गए हैं और पसलियों में भी फ्रैक्चर हुआ है। हालांकि, KGMU के डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है और उम्मीद है कि फिजियोथेरेपी की मदद से वह 3 से 6 महीने में फिर से चल पाएंगे। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जयंत का पूरा इलाज मुफ्त किया जा रहा है।

इस हादसे में घायल एक अन्य युवती लवप्रीत कौर को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने बताया कि आग के समय चारों तरफ धुआं और चीख-पुकार मची थी, जिसके बाद उन्होंने शीशा तोड़कर रस्सी के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की, जिससे उनका पैर टूट गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, जिन 15 लोगों की मौत हुई, उनकी जान आग की लपटों से नहीं बल्कि धुएं के कारण दम घुटने से गई। मृतकों के नथुनों में कालिख और धुएं के कण मिले हैं। वहीं, विद्युत सुरक्षा निदेशालय की शुरुआती रिपोर्ट में सामने आया कि एयर कंडीशनर (AC) कंप्रेसर के ओवरहीट होकर फटने से आग लगी, जिसे वेंटिलेशन की कमी और ओवरलोडिंग ने और बढ़ा दिया।

प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। LDA ने इमारत को अवैध घोषित कर उसे गिराने का नोटिस दिया है। साथ ही, 25 वर्तमान और पूर्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। जांच में पता चला कि 2016 में इस बिल्डिंग को गिराने का आदेश हुआ था, लेकिन उसे रद्द कर दिया गया। आवासीय नक्शे वाली इस बिल्डिंग का इस्तेमाल कमर्शियल काम के लिए हो रहा था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना के बाद एक SIT का गठन किया है, जिसे 7 दिनों में रिपोर्ट देनी है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक सह-मालिक अब भी फरार है।