Lucknow के अलीगंज में भीषण आग से 15 की मौत, डिप्टी सीएम ने सपा सरकार को ठहराया जिम्मेदार
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर युवा छात्र और एनिमेशन सेंटर के कर्मच
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर युवा छात्र और एनिमेशन सेंटर के कर्मचारी थे। घटना के बाद से इलाके में शोक का माहौल है और सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस हादसे के लिए समाजवादी पार्टी की पिछली सरकार के भ्रष्टाचार को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के समय में अवैध निर्माण को बढ़ावा मिला और ध्वस्तीकरण के आदेशों को रद्द किया गया, जिसका नतीजा आज इस ‘लाक्षागृह’ के रूप में सामने आया है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताया है।
मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अस्पतालों, नर्सिंग होम, कोचिंग सेंटर, शॉपिंग मॉल और सरकारी भवनों का ‘मिशन मोड’ पर फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि बेसमेंट का इस्तेमाल सिर्फ पार्किंग के लिए होगा, वहां कोचिंग सेंटर या कोई और व्यापार नहीं चलेगा। साथ ही, इमारतों के इलेक्ट्रिक लोड की भी बारीकी से जांच की जाएगी।
इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय SIT का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG प्रवीण कुमार कर रहे हैं। SIT को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने उस इमारत को गिराने का नोटिस जारी कर दिया है। बताया गया कि यह इमारत आवासीय उपयोग के लिए बनी थी, लेकिन अवैध रूप से इसे कमर्शियल बनाया गया था। साल 2016 में भी इसे गिराने का आदेश हुआ था, लेकिन उसे जल्द ही रद्द कर दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें इमारत का मालिक वीरेंद्र शुक्ला भी शामिल है। अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी KGMU अस्पताल जाकर पीड़ितों से मुलाकात की।