Lucknow अग्निकांड: 15 छात्रों की मौत पर सियासी घमासान, SIT जांच शुरू और 4 अधिकारी सस्पेंड
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को दहला दिया है। इस हादसे में 20 से 24 साल की उम्र के 15 छात्रों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मुख्यमंत्री योगी
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को दहला दिया है। इस हादसे में 20 से 24 साल की उम्र के 15 छात्रों की जान चली गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
यह हादसा सोमवार, 22 जून 2026 को हुआ। जिस तीन मंजिला इमारत में आग लगी, वहां एनीमेशन सेंटर, पेट शॉप, लाइब्रेरी और आईटी ऑफिस चल रहे थे। जांच में सामने आया कि यह बिल्डिंग रिहायशी इलाके में थी और इसे सिर्फ रहने के लिए मंजूरी मिली थी, लेकिन यहां कमर्शियल काम हो रहा था। बिल्डिंग में न तो फायर सेफ्टी के इंतजाम थे और न ही इमरजेंसी एग्जिट। सिर्फ एक ही रास्ता होने की वजह से लोग बाहर नहीं निकल पाए और दम घुटने से उनकी मौत हो गई। शुरुआती जांच के मुताबिक आग AC डक्ट से शुरू हुई थी।
इस घटना के बाद राजनीति भी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि वह खुद 11-12 शवों को देख चुके हैं। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वह इस त्रासदी का राजनीतिकरण न करें और इस हादसे के लिए पिछली सरकारों के गलत फैसलों को जिम्मेदार ठहराया। दूसरी तरफ, अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गलत तरीके से बिल्डिंग प्लान पास कराने और फायर सेफ्टी क्लियरेंस देने के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने पीड़ित परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।
प्रशासन ने अब तक सख्त कदम उठाते हुए चार सरकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है, जिनमें बिजली विभाग और LDA के इंजीनियर शामिल हैं। साथ ही, बिल्डिंग मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। LDA ने इस अवैध इमारत के लिए नया डिमोलिशन नोटिस जारी कर दिया है। SIT के सदस्य अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार ने घटनास्थल का दौरा किया और सबूत जुटाए हैं। मुख्यमंत्री ने SIT को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा है ताकि पता चल सके कि आखिर किसकी लापरवाही से इतनी बड़ी जानमाल की हानि हुई।