Lucknow अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत, 25 अधिकारियों पर गिरेगी गाज, SIT करेगी जांच
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर 16 से 25 साल के छात्र थे, जिनकी मौत जलने के बजाय धुएं से दम घुटने की वजह से हु
Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर 16 से 25 साल के छात्र थे, जिनकी मौत जलने के बजाय धुएं से दम घुटने की वजह से हुई। इस हादसे के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है और मामले की गहराई से जांच के लिए SIT का गठन किया है।
यह आग सोमवार, 22 जून 2026 को लगी थी। जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, वहां एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर, गेमिंग जोन, शोरूम और पेट क्लिनिक चल रहे थे। जांच में सामने आया कि यह बिल्डिंग कमर्शियल इस्तेमाल के लिए अधिकृत नहीं थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने 2016 में इस बिल्डिंग को अवैध निर्माण के कारण ढहाने का आदेश दिया था, लेकिन दो महीने के भीतर ही उस आदेश को वापस ले लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग के मालिकों, वीरेंद्र प्रताप शुक्ला और सुरेंद्र प्रताप शुक्ला ने पिछले 13 सालों से फायर NOC नहीं लिया था। हालांकि, विभाग का कहना है कि नेशनल बिल्डिंग कोड 2016 के हिसाब से 15 मीटर से कम ऊंचाई और 500 वर्ग मीटर से कम एरिया वाली इमारतों को NOC की जरूरत नहीं थी। यह बिल्डिंग 12 मीटर ऊंची थी और इसका एरिया 185 वर्ग मीटर था।
इस लापरवाही को लेकर LDA की जांच में 25 अधिकारियों की गलती पाई गई है, जिनमें 19 इंजीनियर और 6 PCS अधिकारी शामिल हैं। इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय SIT बनाई गई है, जिसमें अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार शामिल हैं। इन्हें सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
इस हादसे का असर दूसरे राज्यों में भी दिखा। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु Deo Sai ने प्रदेश के सभी मल्टी-स्टोरी रिहायशी कॉम्प्लेक्स, कोचिंग सेंटर, होटल और सार्वजनिक इमारतों का सेफ्टी ऑडिट कराने का आदेश दिया है। वहीं, इस मामले में आरोप लगाने वाले निलंबित फायर स्टेशन सेकंड ऑफिसर कमलेश कुमार सिंह ने बाद में अपने बयान वापस ले लिए और माफी मांगी।