Lucknow के अलीगंज अग्निकांड की जांच तेज, SIT ने घटनास्थल का किया मुआयना, घायलों से मिले अधिकारी

Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से पड़ताल की। जांच टीम ने क

Lucknow: राजधानी के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से पड़ताल की। जांच टीम ने केजीएमयू में भर्ती घायलों से भी मुलाकात की और उनसे हादसे के समय की पूरी जानकारी ली।

इस SIT टीम में अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) अमृत अभिजात और एडीजी लखनऊ जोन प्रवीण कुमार शामिल हैं। टीम को सात दिनों के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने का आदेश दिया गया है। मंगलवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे एक छह सदस्यीय फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर सबूत जुटाना शुरू कर दिया।

यह दर्दनाक हादसा सोमवार, 22 जून 2026 को हुआ था, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर छात्र थे और नौ अन्य लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी मुख्यमंत्री से फोन पर बात कर घटना की जानकारी ली और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

प्रारंभिक जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिस इमारत में यह हादसा हुआ, वहां अग्नि सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और बाहर निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था। एलडीए ने मई 2016 में ही इस इमारत को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इस इमारत में पेट शॉप, क्लीनिक, लाइब्रेरी और एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर जैसे व्यावसायिक काम चल रहे थे।

विवरण जानकारी
गिरफ्तार लोग रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू
निलंबित अधिकारी गौरव कुमार (XEN), कमलेन्द्र कुमार सिंह (FSSO), अनिल कुमार और प्रमोद पांडे
दर्ज धाराएं BNS की धारा 110, 105, 125, 3(5) और फायर सर्विस एक्ट 6/10
इमारत की स्थिति एलडीए द्वारा 2016 में ध्वस्तीकरण का आदेश जारी था

अलीगंज पुलिस स्टेशन में छह आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिहायशी इलाकों में बिना सुरक्षा नियमों के ऐसे कमर्शियल सेंटर चलाने से खतरा बढ़ जाता है। SIT सदस्य प्रवीण कुमार ने कहा कि वे मामले के हर पहलू की जांच करेंगे ताकि दोषियों को सजा मिल सके।