Lucknow अग्निकांड में 15 की मौत, शादी से पहले निलेश और अनामिका की प्रेम कहानी का दुखद अंत

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में सबसे दुखद कहानी निलेश और अनामिका सामंता की रही, जो एक ही एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई। इस हादसे में सबसे दुखद कहानी निलेश और अनामिका सामंता की रही, जो एक ही एनीमेशन स्टूडियो में काम करते थे और इसी साल नवंबर में शादी करने वाले थे। रविवार को ही अनामिका के माता-पिता कोलकाता से आकर इस रिश्ते को पक्का कर गए थे, लेकिन सोमवार के अग्निकांड ने दोनों की जिंदगी छीन ली।

जांच में सामने आया है कि यह हादसा पूरी तरह से लापरवाही का नतीजा था। जिस इमारत में आग लगी, वहां बिजली का लोड स्वीकृत 20 किलोवाट की सीमा से कहीं ज्यादा 34 केवीए से ऊपर चल रहा था। यह ओवरलोडिंग अप्रैल महीने से ही जारी थी, फिर भी बिजली आपूर्ति बंद नहीं हुई। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि पूरी इमारत में केवल एक ही रास्ता था जिससे लोग अंदर आते-जाते थे। आपातकालीन निकास (Emergency Exit) या आग बुझाने का कोई सिस्टम वहां मौजूद नहीं था।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना के बाद उच्च-स्तरीय बैठक की और दो सदस्यीय SIT का गठन किया है। इस टीम में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार शामिल हैं, जिन्हें सात दिनों में रिपोर्ट देनी है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इसे हृदयविदारक घटना बताया है। प्रशासन ने इस मामले में सख्त कदम उठाते हुए एलडीए, बिजली और अग्निशमन विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।

मुख्य विवरण जानकारी
कुल मौतें 15 (ज्यादातर 20 से 24 वर्ष के युवा)
गिरफ्तार आरोपी 4 लोग (वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला सहित)
FIR दर्ज 6 लोगों के खिलाफ नामजद केस
इमारत की स्थिति अवैध व्यावसायिक इमारत, पहले भी ध्वस्तीकरण नोटिस मिला था
जांच टीम SIT और FSL की संयुक्त टीम
घायल 2 लोग (खतरे से बाहर)

घटना के बाद पूरी इमारत को सील कर दिया गया है। बचाव कार्य के दौरान शवों को निकालने के लिए पास की एक दीवार तक तोड़नी पड़ी थी। इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और ऊपर की मंजिलों पर एनीमेशन और गेमिंग ट्रेनिंग सेंटर चल रहा था। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने भी इस मामले में बचाव कार्यों में देरी और पुरानी लापरवाही की निष्पक्ष जांच की मांग की है।