Lucknow अग्निकांड में 15 की मौत, 10 साल पुरानी फाइलों से खुला अवैध निर्माण का राज

Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी में सोमवार, 22 जून 2026 को एक इमारत में भीषण आग लगी जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई और 9 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर 20 से 24 साल के छात्र थे। इ

Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी में सोमवार, 22 जून 2026 को एक इमारत में भीषण आग लगी जिससे बड़ा हादसा हो गया। इस अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई और 9 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर 20 से 24 साल के छात्र थे। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है और अब पुरानी फाइलों की जांच शुरू हो गई है।

जांच में सामने आया कि जिस बिल्डिंग (भवन संख्या एमएस/102/डी) में आग लगी, उसे 10 मई 2016 को अवैध निर्माण के कारण गिराने का आदेश दिया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि महज दो महीने बाद 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को रद्द कर दिया गया। इस इमारत में एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर, पेट शॉप और पशु चिकित्सा क्लिनिक चल रहा था। पुलिस ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और कोचिंग चलाने वाले तूशॉक कृष्णा जायसवाल समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीएम रिलीफ फंड से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को तुरंत सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें विद्युत विभाग के एक्सईएन गौरव कुमार, अग्निशमन विभाग के कमलेन्द्र कुमार सिंह और एलडीए के दो इंजीनियर शामिल हैं।

जांच और कार्रवाई का विवरण जानकारी
SIT का गठन मुख्यमंत्री ने 2 सदस्यीय SIT बनाई, 7 दिन में रिपोर्ट मांगी
LDA की कार्रवाई इमारत को गिराने का नोटिस फिर जारी, 15 दिन में जवाब मांगा
बिजली कनेक्शन 20 किलोवाट का कनेक्शन था, लेकिन खपत 34.18 किलोवाट हो रही थी
सुरक्षा प्रमाणपत्र वर्ष 2000 में NOC ली गई थी, लेकिन उसका नवीनीकरण नहीं हुआ
गिरफ्तार लोग वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तूशॉक कृष्णा जायसवाल, राम कृष्ण उपाध्याय और सुरेश कुमार साहू
मानवाधिकार आयोग राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मौके का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल पुलिस ने पूरी इमारत को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम और फायर ब्रिगेड की टीम मौके से सबूत इकट्ठा कर रही है ताकि आग लगने की असली वजह का पता चल सके।