Lucknow में 15 मौतों वाले अग्निकांड की इमारत पर चला बुलडोजर, 100 पुलिसकर्मी तैनात और रास्ते सील
Lucknow : राजधानी के अलीगंज इलाके में उस चार मंजिला अवैध इमारत को गिराने का काम शुरू हो गया है, जहां जून महीने में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार सुबह भारी पुलिस बल और मशीनो
Lucknow : राजधानी के अलीगंज इलाके में उस चार मंजिला अवैध इमारत को गिराने का काम शुरू हो गया है, जहां जून महीने में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार सुबह भारी पुलिस बल और मशीनों के साथ इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है।
शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे तीन बुलडोजर और एक हाइड्रोलिक मशीन मौके पर पहुंचीं और ध्वस्तीकरण का काम शुरू किया। किसी भी हंगामे या अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए अलीगंज एसीपी और तीन थानों की पुलिस समेत 100 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। इमारत की तरफ जाने वाली 700 मीटर की सड़क को पूरी तरह सील कर दिया गया है ताकि आम लोगों की आवाजाही न हो।
एलडीए ने 10 जुलाई को ही इस अवैध निर्माण को हटाने का आदेश दिया था। भवन मालिक वीरेंद्र शुक्ला और सुरेंद्र शुक्ला को 15 दिन का समय दिया गया था कि वे खुद इसे हटा लें। यह समय-सीमा शुक्रवार, 24 जुलाई को खत्म हो गई। हालांकि, मालिकों की तरफ से तोड़फोड़ की रफ्तार बहुत धीमी थी और मुख्य ढांचा अब भी खड़ा था, इसलिए प्रशासन ने खुद मोर्चा संभाला।
एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि यह इमारत बिना किसी वैध मंजूरी के व्यावसायिक काम के लिए बनाई गई थी। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम की धारा-27(1) के तहत की गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस तोड़फोड़ में आने वाला पूरा खर्च भवन मालिकों से ही वसूला जाएगा।
इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे एक बड़ा सबक बताया था। उन्होंने सख्त निर्देश दिए थे कि बेसमेंट में कोचिंग सेंटर या नर्सिंग होम चलाना बिल्कुल मंजूर नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में फायर सेफ्टी ऑडिट कराने को भी कहा था। फिलहाल इस पूरे मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT की रिपोर्ट का इंतजार है।