Lucknow में भीषण आग से 15 की मौत, 10 साल पहले रद्द हुआ था अवैध इमारत को ढहाने का आदेश
Lucknow/Aliganj: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों
Lucknow/Aliganj: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि बिल्डिंग का मुख्य मालिक फिलहाल फरार बताया जा रहा है.
यह घटना पुरनिया बाजार के पास उषा मेहता मार्ग पर दोपहर करीब 3 बजे हुई. इस इमारत के नीचे एक पेट शॉप थी, जबकि दूसरी मंजिल पर एनिमेशन सेंटर और ऊपर के फ्लोर पर कुछ ऑफिस चल रहे थे. शुरुआती जांच में आग लगने की वजह पेट शॉप में हुआ शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. मरने वालों में ज्यादातर 20 से 25 साल के युवा हैं.
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि यह पूरी इमारत अवैध रूप से बनाई गई थी. लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने साल 2016 में इस बिल्डिंग को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन सिर्फ दो महीने बाद 5 जुलाई 2016 को इस आदेश को रद्द कर दिया गया. यह जमीन मूल रूप से 1980 में आवासीय उपयोग के लिए आवंटित की गई थी, लेकिन बाद में इसे व्यावसायिक तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा. अब LDA ने इस अवैध निर्माण को गिराने का नया नोटिस जारी किया है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए दो सदस्यीय SIT का गठन किया है. इस टीम में अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG प्रवीण कुमार शामिल हैं, जिन्हें सात दिन में अपनी रिपोर्ट देनी होगी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऊर्जा विभाग के चार अधिकारियों को भी निलंबित कर दिया गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया है. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवार के लिए 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की सहायता राशि घोषित की है.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतकों की संख्या | 15 लोग |
| गिरफ्तार लोग | रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल, सुरेश कुमार साहू |
| SIT सदस्य | अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार |
| निलंबित अधिकारी | गौरव कुमार, कमलेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, प्रमोद पांडे |
| कुल मुआवजा (PM + CM) | मृतकों के परिजनों को 7 लाख, घायलों को 1 लाख रुपये |
इस हादसे के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है. कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले काकादेव के 22 कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है. दिल्ली दमकल विभाग ने भी संकरी गलियों के लिए नए वाहन मंगाए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.