Lucknow अग्निकांड: रिहायशी बिल्डिंग में कमर्शियल कनेक्शन और ओवरलोड बिजली बनी वजह, 15 छात्रों की मौत

Lucknow: अलीगंज के पुरनिया चौराहे के पास एक तीन मंजिला इमारत में सोमवार, 22 जून 2026 को भीषण आग लगी। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 19 से 30 साल के छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि बचाव दल को लोगों को

Lucknow: अलीगंज के पुरनिया चौराहे के पास एक तीन मंजिला इमारत में सोमवार, 22 जून 2026 को भीषण आग लगी। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 19 से 30 साल के छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि बचाव दल को लोगों को निकालने के लिए इमारत की पीछे की दीवार तक तोड़नी पड़ी।

जांच में सामने आया है कि इस आवासीय परिसर में 20 किलोवाट का कमर्शियल कनेक्शन था, लेकिन वहां बिजली की खपत 34.18 किलोवाट से ज्यादा हो रही थी। आरोप है कि बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस बड़ी अनियमितता को नजरअंदाज किया और किरायेदारों की शिकायतों पर भी कोई ध्यान नहीं दिया। इस बिल्डिंग में पेट शॉप, पशु चिकित्सालय, कोचिंग सेंटर और एनीमेशन स्टूडियो जैसे कई कमर्शियल काम चल रहे थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के बाद अलीगढ़ के अपने कार्यक्रम रद्द कर लखनऊ का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने मामले की गहराई से जांच के लिए SIT गठित करने का निर्देश दिया है और लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और सांसद राजनाथ सिंह ने भी घटनास्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।

विवरण जानकारी
मृतकों की संख्या 15 (ज्यादातर छात्र)
घायलों की संख्या 7 (KGMU में इलाज जारी)
मुख्य आरोपी वीरेंद्र, सुरेंद्र और धीरेंद्र शुक्ला
CM सहायता राशि मृतकों के परिवार को 5 लाख, घायलों को 50 हजार
PM सहायता राशि मृतकों के परिवार को 2 लाख, घायलों को 50 हजार
LDA कार्रवाई 2016 में ध्वस्तीकरण का आदेश था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया

KGMU के जनसंपर्क अधिकारी के.के. सिंह ने बताया कि कुल 22 लोगों को अस्पताल लाया गया था। बिल्डिंग में कोई इमरजेंसी एग्जिट या वैकल्पिक सीढ़ी नहीं थी, जिसकी वजह से लोग फंस गए। पुलिस ने इस मामले में वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। अब प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि क्या बिल्डिंग के निर्माण और फायर सेफ्टी में गड़बड़ी थी, अगर ऐसा पाया गया तो बुलडोजर कार्रवाई की जा सकती है।