Lucknow के अलीगंज अग्निकांड वाली बिल्डिंग को गिराने की तैयारी, ड्रिल मशीन से तोड़ी जा रही छत
Lucknow: अलीगंज में हुए उस दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। सोमवार को उस अवैध इमारत को गिराने का काम शुरू हो गया है। बिल्डिंग के अंदर मजदूर ड्रिल मशीन की मदद से छ
Lucknow: अलीगंज में हुए उस दर्दनाक अग्निकांड के बाद अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी। सोमवार को उस अवैध इमारत को गिराने का काम शुरू हो गया है। बिल्डिंग के अंदर मजदूर ड्रिल मशीन की मदद से छत को पंचर करते देखे गए, ताकि धीरे-धीरे पूरे ढांचे को ध्वस्त किया जा सके।
यह हादसा 22 जून 2026 को हुआ था। घटना के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने जांच की, जिसमें यह बात सामने आई कि बिल्डिंग का निर्माण नक्शे के खिलाफ और सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर किया गया था। एलडीए की अदालत ने 10 जुलाई को इस व्यावसायिक निर्माण को अवैध घोषित करते हुए इसे गिराने का आदेश दिया था।
प्रशासन ने पहले भवन मालिकों को 15 दिनों का समय दिया था कि वे खुद इस अवैध निर्माण को हटा लें। रविवार को पुलिस ने दुकानदारों को अपना सामान निकालने की अनुमति दी और सोमवार से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई। अगर 25 जुलाई तक मालिक खुद इसे नहीं हटाते हैं, तो एलडीए पूरी तरह से इसे ध्वस्त कर देगा और इसका पूरा खर्च भी मालिकों से ही वसूला जाएगा।
इस मामले में बड़ी लापरवाही भी सामने आई है। साल 2016 में भी इस बिल्डिंग को गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन मालिकों के हलफनामे के बाद इसे रद्द कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी एसआईटी ने इस मामले में एलडीए के कई आईएएस, पीसीएस अधिकारियों और करीब 100 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। इस घटना के बाद विद्युत विभाग और अग्निशमन विभाग के चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है।