Lucknow के अलीगंज में भीषण आग, 15 लोगों की मौत; रेस्क्यू ऑपरेशन में 8 बिल्लियां, 7 कुत्ते और तोता बचाए गए

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई और नौ अन्य घायल हो गए, जिनमें से ज्यादातर ऊपरी मंजिल पर स्थित एनिमेशन सेंटर के लोग थ

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई और नौ अन्य घायल हो गए, जिनमें से ज्यादातर ऊपरी मंजिल पर स्थित एनिमेशन सेंटर के लोग थे। आग इतनी भयानक थी कि बचाव कार्य सोमवार शाम तक चला, जिसके दौरान लोगों के साथ-साथ वहां मौजूद पालतू जानवरों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया।

इमारत में एक पेट शॉप और क्लिनिक के साथ-साथ एक स्टूडियो और एनिमेशन सेंटर चल रहा था। आग की खबर मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और SDRF की टीमें मौके पर पहुंच गईं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार ने पशु चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम को तुरंत भेजा। बचाव अभियान के दौरान बेसमेंट से सात बिल्लियां जीवित मिलीं। कुल मिलाकर 8 बिल्लियां, 7 कुत्ते और एक तोता को सुरक्षित बचाया गया है।

पशुओं को बचाने में जीव आश्रय (Jeev Ashray) और आसरा द हेल्पिंग हैंड्स (Aasra The Helping Hands) जैसे संगठनों और स्थानीय लोगों ने बड़ी भूमिका निभाई। जीव आश्रय के शुभम प्रताप सिंह ने बताया कि बचाए गए जानवरों को प्राथमिक उपचार के बाद गोमती नगर स्थित आश्रय स्थल भेज दिया गया है। वहीं, आसरा द हेल्पिंग हैंड्स की प्रतिनिधि चारू खरे ने बताया कि उनके क्लिनिक में तीन बिल्लियों का इलाज चल रहा है।

पशु अधिकार कार्यकर्ता किरण शुक्ला ने चिंता जताई कि आग के समय इमारत में लगभग 22 कुत्ते-पिल्ले और 12 बिल्लियां मौजूद थीं, जिनमें से 4-5 बिल्लियां अब भी लापता हैं और उनके बचने की उम्मीद कम है। जीव आश्रय के आशीष के मुताबिक, बचाए गए जानवर काफी तनाव में हैं।

इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। लखनऊ अग्निकांड के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय SIT का गठन किया गया है। जांच में यह बात भी सामने आई कि इस इमारत को 2016 में अवैध निर्माण के कारण गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन दो महीने बाद ही उस आदेश को वापस ले लिया गया था।