Lucknow के अलीगंज में भीषण आग से 15 युवाओं की मौत, अवैध इमारत के मालिक समेत 4 गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक चार मंजिला अवैध इमारत में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस अग्निकांड में 15 युवाओं की जान चली गई और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह इमारत कागजों पर रहने के लिए बनी थी, लेक
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक चार मंजिला अवैध इमारत में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस अग्निकांड में 15 युवाओं की जान चली गई और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह इमारत कागजों पर रहने के लिए बनी थी, लेकिन यहां बिना अनुमति के कोचिंग सेंटर और गेमिंग ज़ोन चलाए जा रहे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि सभी 15 युवाओं की मौत दम घुटने की वजह से हुई। मरने वालों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या शामिल हैं। हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया है।
पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक वीरेंद्र शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। उनके अलावा पेट शॉप चलाने वाले रामकृष्ण उपाध्याय, एनिमेशन सेंटर चलाने वाले तूशॉक कृष्णा जायसवाल और किरायेदार सुरेश कुमार साहू को भी पकड़ा गया है। कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। इस लापरवाही पर सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), फायर विभाग और बिजली विभाग के चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है।
| जांच और कार्रवाई | विवरण |
|---|---|
| SIT का गठन | दो सदस्यीय टीम, 7 दिन में रिपोर्ट देनी होगी |
| LDA की आंतरिक जांच | 18 अधिकारी और इंजीनियर दोषी पाए गए |
| LDA नोटिस | 15 दिन में जवाब नहीं मिला तो इमारत गिराई जाएगी |
| पुरानी लापरवाही | 2016 में ध्वस्तीकरण का आदेश आया था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया |
| सुरक्षा खामियां | इमरजेंसी एग्जिट की कमी और सीढ़ियों पर बिजली के तारों का जाल |
| पिछला हादसा | 2024 में भी इसी सेंटर में शॉर्ट सर्किट हुआ था |
जांच में पता चला कि इमारत में आग से बचने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं था। सीढ़ियों पर एसी पैनल और उलझे हुए तार लगे थे, जिसकी वजह से बच्चे बाहर नहीं निकल पाए। इस घटना के बाद अब पूरे उत्तर प्रदेश में सभी कोचिंग संस्थानों की फायर सेफ्टी जांच के लिए अभियान शुरू किया गया है।