Lucknow के अलीगंज में भीषण आग से 15 छात्रों की मौत, अवैध इमारत में शॉर्ट सर्किट बना वजह

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई और 9 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर 19 से 30 साल के छात्र थे, जो इमारत के

Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई और 9 लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर 19 से 30 साल के छात्र थे, जो इमारत के अंदर चल रहे कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी में फंसे हुए थे।

घटना सोमवार दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच हुई। शुरुआती जांच में पता चला है कि आग एसी या एसी डक्ट में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरी बिल्डिंग में घना धुआं भर गया, जिससे छात्रों का दम घुट गया। कुछ छात्र जान बचाने के लिए बाथरूम में छिप गए, जबकि एक छात्र ने पहली मंजिल से नीचे छलांग लगा दी। दमकल कर्मियों को अंदर पहुंचने में काफी दिक्कत हुई क्योंकि इमारत में आने-जाने का सिर्फ एक संकरा रास्ता था और कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। बचाव दल ने पीछे की दीवार तोड़कर फंसे लोगों को निकाला।

परिजनों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड आने में करीब 40 मिनट की देरी हुई। KGMU मुर्दाघर के बाहर रोते-बिलखते माता-पिता ने बताया कि उन्हें बच्चों के फोन आए थे जिसमें वे मदद मांग रहे थे। एक पिता ने बताया कि दोपहर 2:36 बजे उनके बेटे ने फोन कर कहा था कि पापा मुझे बचा लीजिए, यहां आग लग गई है। परिवारों ने छत के रास्ते पर ताला लगे होने और सुरक्षा इंतजाम न होने पर सिस्टम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।

जांच में यह भी सामने आया कि यह पूरी इमारत अवैध थी। इसे रहने के लिए मंजूरी मिली थी, लेकिन यहां पेट शॉप, क्लीनिक, लाइब्रेरी और एनिमेशन संस्थान चलाया जा रहा था। LDA ने बताया कि इस इमारत को गिराने का आदेश 2016 में ही दे दिया गया था, लेकिन बाद में इसे रद्द कर दिया गया।

विवरण जानकारी
मृतकों की संख्या 15
घायलों की संख्या 9
मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट और दम घुटना
इमारत की स्थिति अवैध व्यावसायिक निर्माण
गिरफ्तार लोग 4 (संयुक्त मालिक)
निलंबित अधिकारी 4 (नगर निकाय/LDA)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केजीएमयू का दौरा किया और मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी है। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय SIT गठित की गई है, जिसे सात दिन में रिपोर्ट देनी होगी। पुलिस ने इमारत के चार मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है और लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।