Lucknow के अलीगंज में भीषण अग्निकांड, 15 लोगों की मौत और 9 घायल, SIT जांच शुरू
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. इस अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों का इलाज KGMU अस्पताल में चल रह
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया. इस अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई और 9 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों का इलाज KGMU अस्पताल में चल रहा है. इस हादसे ने शहर में सुरक्षा इंतजामों और नियमों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
यह घटना 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक बिल्डिंग में हुई. इस इमारत में एक एनिमेशन कोचिंग सेंटर, गेमिंग जोन और नीचे की मंजिल पर पेट शॉप चल रही थी. हादसे में आदित्य श्रीवास्तव नाम के युवक की मौत हो गई. आदित्य की मां बिसवां से उनसे मिलने पहुंची थीं और उनकी आंखों के सामने ही बेटे ने दम तोड़ दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और उन्होंने व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर अस्पताल और घटनास्थल का दौरा किया. उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की. वहीं उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है.
जांच में सामने आया कि यह इमारत आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक काम के लिए इस्तेमाल हो रही थी. यहां फायर सेफ्टी के नियमों की जमकर अनदेखी की गई थी. इमारत में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और आग लगते ही मुख्य गेट अपने आप बंद हो गया, जिससे लोग अंदर ही फंस गए. बिजली के लोड की भी भारी गड़बड़ी पाई गई, जहां 20 किलोवाट के कनेक्शन पर 34 किलोवाट से ज्यादा का लोड था. शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि AC कंप्रेसर फटने से आग लगी.
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतकों की संख्या | 15 |
| घायलों की संख्या | 9 |
| गिरफ्तार आरोपी | वीरेंद्र शुक्ला, तुषांक कृष्ण जायसवाल, रामकृष्ण उपाध्याय |
| निलंबित अधिकारी | गौरव कुमार, कमलेंद्र कुमार सिंह, अनिल कुमार, प्रमोद पांडे |
| जांच टीम | दो सदस्यीय SIT (अमृत अभिजात और प्रवीण कुमार) |
| मुख्य लापरवाही | अवैध निर्माण, नो फायर एग्जिट, बिजली ओवरलोडिंग |
मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया है, जिसे 7 दिनों में रिपोर्ट देनी होगी. पुलिस ने इमारत के मालिकों को गिरफ्तार कर लिया है और लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. LDA भी इस मामले की जांच कर रहा है और अवैध निर्माण पाए जाने पर बुलडोजर चलाने की संभावना है.