Lucknow के अलीगंज में भीषण आग, 15 लोगों की मौत, बायोमेट्रिक गेट और इमरजेंसी एग्जिट न होने से मची अफरा-तफरी
Lucknow/Aliganj: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार, 22 जून 2026 को एक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर छात्र और युवा थे। आग इतनी भयानक थी कि कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए खि
Lucknow/Aliganj: लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार, 22 जून 2026 को एक इमारत में भीषण आग लग गई। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर छात्र और युवा थे। आग इतनी भयानक थी कि कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों और छत से कूदने की कोशिश की।
KGMU अस्पताल के मुताबिक, कुल 22-23 लोगों को भर्ती कराया गया था, जिनमें से 15 को मृत घोषित कर दिया गया। घायलों में से 6 की हालत अब स्थिर है, जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि आग ग्राउंड फ्लोर पर स्थित एक दुकान में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी, जो तेजी से ऊपर की मंजिलों तक फैल गई। इमारत के निचले हिस्से में पेट शॉप और वेटनरी क्लिनिक था, जबकि ऊपर एनिमेशन स्टूडियो और एक स्टडी सेंटर चल रहा था।
इस हादसे में सुरक्षा की बड़ी लापरवाही सामने आई है। आरोप है कि इमारत में कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था और मुख्य दरवाजा बायोमेट्रिक सिस्टम से चलता था, जो आग लगते ही अपने आप बंद हो गया। इस वजह से अंदर फंसे लोग बाहर नहीं निकल पाए। बचाव दल को लोगों को निकालने के लिए इमारत की पिछली दीवार तक तोड़नी पड़ी।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतकों की संख्या | 15 |
| घायलों की संख्या | 8 से 12 |
| आग का कारण | ग्राउंड फ्लोर पर शॉर्ट सर्किट |
| गिरफ्तार लोग | राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल, सुरेश कुमार साहू |
| निलंबित अधिकारी | 4 अधिकारी |
| जांच टीम | SIT (2 सदस्य) और LDA टीम (5 सदस्य) |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की मदद देने का ऐलान किया है। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को हृदय विदारक बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी घटनास्थल और अस्पताल का दौरा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक SIT का गठन किया गया है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके अलावा LDA ने भी अपनी अलग जांच टीम बनाई है। पुलिस ने जमीन और भवन के मालिकों समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।