Lucknow में भीषण आग से 15 की मौत, अवैध बिल्डिंग और सुरक्षा नियमों की अनदेखी आई सामने
Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर 20 से 25 साल के युवा छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इमा
Lucknow: अलीगंज के सेक्टर-डी में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में मरने वालों में ज्यादातर 20 से 25 साल के युवा छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी। बचाव कार्य के लिए NDRF, SDRF और अग्निशमन विभाग की टीमों को बुलाया गया, जिन्हें फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए दीवारें तक तोड़नी पड़ीं।
जांच में पता चला है कि यह इमारत पूरी तरह नियमों की अनदेखी कर बनाई गई थी। बिल्डिंग को सिर्फ रहने के लिए मंजूरी मिली थी, लेकिन वहां अवैध तरीके से ग्राफिक्स एनिमेशन सेंटर, पेट क्लिनिक और लाइब्रेरी चलाई जा रही थी। सबसे बड़ी लापरवाही यह थी कि पूरी पांच मंजिला इमारत में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था और कोई इमरजेंसी एग्जिट नहीं था। साथ ही, बिजली का लोड स्वीकृत 20 किलोवाट से कहीं ज्यादा था, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बना रहता था।
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो सदस्यीय SIT का गठन किया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता राशि की घोषणा की है। प्रशासन ने अब इस इमारत को गिराने का नोटिस जारी कर दिया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| मृतकों की संख्या | 15 (ज्यादातर युवा छात्र) |
| मुख्य कारण | अवैध व्यावसायिक उपयोग और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन |
| गिरफ्तार आरोपी | राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल, सुरेश कुमार साहू |
| निलंबित अधिकारी | LDA, बिजली और फायर विभाग के 4 अधिकारी |
| मुख्यमंत्री सहायता | मृतकों के परिवार को ₹5 लाख, घायलों को ₹50,000 |
| PMNRF सहायता | मृतकों के परिवार को ₹2 लाख, घायलों को ₹50,000 |
पुलिस ने इस मामले में छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है। लापरवाही बरतने के आरोप में LDA और बिजली विभाग के अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। वहीं, इस हादसे के बाद कानपुर में भी प्रशासन जागा और सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले 22 कोचिंग सेंटरों और दुकानों को सील कर दिया गया है। LDA अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि पूर्व सरकार के समय पैसे लेकर इस इमारत को गिराने का आदेश क्यों रोका गया था।