Lucknow अग्निकांड में 15 की मौत, बाराबंकी के ग्राफिक डिजाइनर और फतेहपुर के युवक की जान गई

Lucknow/Aliganj: लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। इस अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र और युवा शामिल हैं। मृतकों में बाराब

Lucknow/Aliganj: लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक कोचिंग सेंटर की बिल्डिंग में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया है। इस अग्निकांड में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र और युवा शामिल हैं। मृतकों में बाराबंकी के रहने वाले 22 वर्षीय गेम ग्राफिक डिजाइनर मोहम्मद अम्मार और फतेहपुर के शहजान भी शामिल हैं। इस घटना ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

यह हादसा 22 जून 2026 को दोपहर करीब 3 बजे हुआ। आग इतनी भयानक थी कि लोग बाहर नहीं निकल पाए। बताया जा रहा है कि बिल्डिंग के बेसमेंट में एसी या बिजली के खंभे में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी। जिस बिल्डिंग में यह हादसा हुआ, वहां ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक थे, जबकि दूसरी मंजिल पर लर्निंग स्पेस लाइब्रेरी और हेड हॉपर्स स्टूडियो जैसे ऑफिस चल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ऑफिस का गेट थंब इंप्रेशन से खुलता था, जिसकी वजह से आग लगने के बाद लोग फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।

इस हादसे में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज KGMU ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। घायलों में जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ और गौरव कुमार समेत अन्य लोग शामिल हैं। शहजान ने अपनी मौत से पहले अपनी मां को फोन करके आग लगने की जानकारी दी थी, जिससे परिवार का दुख और बढ़ गया है।

घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया और मृतकों के परिजनों को PMNRF से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर तुरंत लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल और घायलों का हाल जाना। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी मौके का दौरा किया।

प्रशासन ने इस मामले में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो सदस्यीय SIT का गठन किया गया है और चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें जानकीपुरम के XEN गौरव कुमार और एफएसएसओ कमलेन्द्र कुमार सिंह शामिल हैं। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और छह लोगों पर मामला दर्ज किया है, जबकि बिल्डिंग मालिक फरार है। प्रशासन ने बिल्डिंग को अवैध बताते हुए उसे गिराने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इस घटना के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने भी शहर के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए अभियान शुरू कर दिया है।