Lucknow में भीषण अग्निकांड, एनिमेशन सेंटर में आग से 15 नौजवानों की मौत, 4 गिरफ्तार

UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई और नौ लोग घायल हुए। आग इतनी भयानक थी कि अपनी जान बचाने के लिए एक शख्स न

UP/Lucknow: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की जान चली गई और नौ लोग घायल हुए। आग इतनी भयानक थी कि अपनी जान बचाने के लिए एक शख्स ने पहली मंजिल की खिड़की से नीचे छलांग लगा दी। यह घटना दोपहर करीब 3 बजे उषा मेहता मार्ग पर पुरनिया बाजार के पास हुई।

जानकारी के मुताबिक, इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप थी और ऊपरी मंजिलों पर एक एनिमेशन ट्रेनिंग सेंटर और स्टूडियो चल रहा था। मरने वालों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है। मृतकों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, शाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार और सुमाल्या शामिल हैं। घायलों में जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ और अन्य लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से दो का इलाज अब भी अस्पताल में चल रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख जताया और 23 जून के अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। उन्होंने घटनास्थल और KGMU अस्पताल का दौरा कर घायलों का हाल जाना। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी दुख जताया और PM रिलीफ फंड से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये देने की घोषणा की।

प्रारंभिक जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। बताया गया कि इमारत में आपातकालीन निकास (Emergency Exit) नहीं था और आग लगने के समय मुख्य गेट अपने आप लॉक हो गया, जिससे लोग अंदर ही फंस गए। इस मामले में मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो सदस्यीय SIT का गठन किया गया है, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG प्रवीण कुमार शामिल हैं। SIT को सात दिनों में अपनी रिपोर्ट देनी होगी।

पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, एनिमेशन स्टूडियो के संस्थापक तुषार कृष्णा जायसवाल, राम कृष्ण उपाध्याय और सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने बीएनएस की धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है।