Lucknow कोचिंग अग्निकांड: 15 की मौत के बाद बिल्डिंग पर चला चलेगा बुलडोजर, 4 अधिकारी सस्पेंड

Lucknow: अलीगंज के सेक्टर डी में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस

Lucknow: अलीगंज के सेक्टर डी में एक कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हादसे में अब तक कम से कम 15 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।

हादसा सोमवार, 22 जून 2026 को उषा मेहता मार्ग पर स्थित एक तीन मंजिला इमारत में हुआ। यहां ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ नाम का एनिमेशन सेंटर, एक लाइब्रेरी और पेट शॉप चल रही थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि आग एसी डक्ट से शुरू हुई होगी और इमरजेंसी एग्जिट न होने की वजह से धुआं भर गया, जिससे लोग दम घुटने से मर गए। पुलिस ने इस मामले में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

प्रशासन ने इस मामले में बड़ी लापरवाही पकड़ी है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने बिल्डिंग के खिलाफ दोबारा ध्वस्तीकरण (demolition) का नोटिस जारी किया है। बताया जा रहा है कि इस बिल्डिंग को 2016 में भी अवैध निर्माण के कारण गिराने का आदेश मिला था, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर लापरवाही बरतने वाले चार अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जिनमें बिजली विभाग और LDA के इंजीनियर शामिल हैं।

जांच के लिए गठित दो सदस्यीय SIT, जिसमें अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात और एडीजी प्रवीण कुमार शामिल हैं, ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा किया। SIT को सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। इसके अलावा, फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। अब शहर की अन्य कमर्शियल बिल्डिंगों में भी फायर सेफ्टी ऑडिट तेज कर दिया गया है।