Lucknow के Aliganj में कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 15 छात्रों की मौत, 4 आरोपी गिरफ्तार
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में सोमवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि बिल्डिंग में मौजूद क
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक कमर्शियल बिल्डिंग में सोमवार को भीषण आग लग गई। इस हादसे में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर 20 से 24 साल के युवा छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि बिल्डिंग में मौजूद कोचिंग सेंटर, पेट शॉप और गेमिंग जोन सब खाक हो गए। इस हादसे में 7 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है। मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। SIT की टीम ने मौके पर जाकर सबूत जुटाए हैं और बचे हुए लोगों से पूछताछ की है।
Lucknow Development Authority (LDA) के वाइस चेयरमैन प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह पूरी बिल्डिंग अवैध थी। साल 2016 में इसे गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन बाद में उसे कैंसिल कर दिया गया। अब प्रशासन ने इस बिल्डिंग को पूरी तरह ढहाने का फैसला किया है। जांच में सामने आया कि बिल्डिंग के पास फायर NOC नहीं था और बाहर निकलने का रास्ता भी सिर्फ एक ही था, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बनी और लोग बाहर नहीं निकल पाए।
इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरफ्तार लोगों में बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप मालिक रामकृष्ण उपाध्याय, कोचिंग चलाने वाले तुषार कृष्णा जायसवाल और स्टूडियो ऑपरेटर सुरेश कुमार साहू शामिल हैं। इसके अलावा, लापरवाही बरतने के आरोप में चार इंजीनियरों और छह LDA अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। कुल 18 अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
इस हादसे के बाद यूपी सरकार ने पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। कानपुर, वाराणसी, नोएडा, मथुरा और हापुड़ जैसे शहरों में करीब 48 संस्थानों को नियमों की अनदेखी करने पर सील कर दिया गया है। दिल्ली में भी नगर निगम और शिक्षा मंत्री ने कोचिंग सेंटरों के फायर सेफ्टी की जांच शुरू कर दी है। डर के मारे लखनऊ के कई कोचिंग सेंटरों ने अपनी बिल्डिंगों से बोर्ड हटा लिए हैं।