Lucknow के अलीगंज में 15 लोगों की जान लेने वाली बिल्डिंग जमींदोज, LDA ने शुरू किया मलबा हटाने का काम
Lucknow/Aliganj: लखनऊ के अलीगंज इलाके में उस चार मंजिला इमारत को पूरी तरह गिरा दिया गया है, जहां 22 जून को लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार को इस अवैध इमारत को ध्वस्त किया और
Lucknow/Aliganj: लखनऊ के अलीगंज इलाके में उस चार मंजिला इमारत को पूरी तरह गिरा दिया गया है, जहां 22 जून को लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई थी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार को इस अवैध इमारत को ध्वस्त किया और रविवार से मशीनों की मदद से वहां जमा मलबे को हटाने का काम शुरू कर दिया है।
इस पूरी कार्रवाई के लिए LDA ने सख्त कदम उठाए। सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि यह बिल्डिंग 2014 में सिर्फ रहने के लिए मंजूर हुई थी, लेकिन बाद में इसे नियमों के खिलाफ जाकर कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदल दिया गया। प्रशासन ने 23 जून को नोटिस जारी किया था और 10 जुलाई को इसे गिराने का आदेश दिया गया था। मालिकों को 15 दिन का समय दिया गया था, लेकिन समय सीमा खत्म होने के बाद शनिवार को LDA की टीम बुलडोजर और हाइड्रोलिक मशीनों के साथ मौके पर पहुंची।
ध्वस्तीकरण का काम शनिवार को करीब 15 घंटे तक चला और रात 10:30 बजे तक पूरी बिल्डिंग को मिट्टी में मिला दिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे और आसपास के रास्तों को बैरिकेड कर दिया गया था। एहतियात के तौर पर पास के घरों में रहने वाले लोगों को भी कुछ समय के लिए बाहर कर दिया गया था। जोनल ऑफिसर मधुवेश कुमार ने निर्देश दिए कि बारिश के मौसम को देखते हुए मलबे को हटाने के दौरान सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाए।
वहीं, बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला और सुरेंद्र प्रताप शुक्ला की ओर से वकील राजेंद्र प्रसाद शुक्ला ने इस कार्रवाई को गलत बताया है। उनका कहना है कि प्रशासन ने समय सीमा खत्म होने से पहले ही बिल्डिंग गिरा दी और वे इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे। फिलहाल रविवार से मशीनों के जरिए साइट की सफाई का काम तेजी से चल रहा है।