Lucknow में भीषण आग से बड़ा हादसा, 15 छात्रों की मौत; पेट शॉप में फंसे कुत्तों और बिल्लियों को भी बचाया गया

Lucknow/Aliganj : लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि लोगों को बाहर

Lucknow/Aliganj : लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें ज्यादातर छात्र थे। आग इतनी भयानक थी कि लोगों को बाहर निकालने के लिए इमारत की दीवारें तक तोड़नी पड़ीं। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है और प्रशासन जांच में जुटा है।

घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर तुरंत लखनऊ वापसी की और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया है। मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की गई है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्यों की निगरानी की।

इस बचाव अभियान की एक खास बात यह रही कि दमकल कर्मियों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने इंसानों के साथ-साथ बेजुबान जानवरों को बचाने की भी पूरी कोशिश की। इमारत के भूतल पर ‘ड्रूल्स अलीगंज पेट शॉप’ और क्लिनिक था, जहां करीब 22 कुत्ते और 12 बिल्लियां फंसी थीं। किरण शुक्ला और अन्य कार्यकर्ताओं की मदद से कई कुत्तों और पिल्लों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। शाम तक बेसमेंट से सात बिल्लियां जीवित मिलीं, जिन्हें इलाज के लिए भेजा गया है, हालांकि कुछ बिल्लियों के अभी भी लापता होने की खबर है।

इमारत की ऊपरी मंजिलों पर ‘लर्निंग स्पेस’ लाइब्रेरी-कोचिंग और ‘हेड हॉपर स्टूडियो’ जैसे संस्थान चल रहे थे। शुरुआती जांच में आग का कारण भूतल पर स्थित पेट शॉप में शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जांच में पता चला है कि 2016 में इस इमारत को गिराने का आदेश हुआ था, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया। साथ ही, फरवरी 2025 की एक रिपोर्ट में फायर सेफ्टी की खामियों को लेकर नोटिस जारी किया गया था, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। चश्मदीदों ने दमकल गाड़ियों के पहुंचने में आधे घंटे की देरी का आरोप लगाया है। फिलहाल केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में घायलों का इलाज चल रहा है।