Lucknow में बिल्डिंग की आग में 15 की मौत, CM योगी के आदेश पर 4 अफसर सस्पेंड, SIT करेगी जांच
Lucknow: अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई. मरने वालों में ज्यादातर 20 से 24 साल के छात्र थे, जो वहां एनिमेशन ट्रेनिंग और कोचिंग क्लास ले रहे थे. हादसे में 9 लोग
Lucknow: अलीगंज इलाके में एक तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में भीषण आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई. मरने वालों में ज्यादातर 20 से 24 साल के छात्र थे, जो वहां एनिमेशन ट्रेनिंग और कोचिंग क्लास ले रहे थे. हादसे में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है.
जांच में सामने आया कि यह बिल्डिंग असल में रहने के लिए बनी थी, लेकिन इसका इस्तेमाल कमर्शियल काम के लिए किया जा रहा था. बिल्डिंग में आग से बचने का कोई सही रास्ता नहीं था और सिर्फ एक छोटा एग्जिट पॉइंट था, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए और अंदर ही फंस गए. आरोप है कि बिल्डिंग के पास फायर NOC भी नहीं था और सुरक्षा के इंतजाम ना के बराबर थे.
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है. इनमें Jankipuram के XEN गौरव कुमार, Indiranagar के FSSO कमलेंदु कुमार सिंह, AE अनिल कुमार और प्रमोद पांडे शामिल हैं. साथ ही, मामले की गहराई से जांच के लिए एक SIT बनाई गई है, जिसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी. इस SIT में ACS अमृत अभिजात और ADG Lucknow शामिल हैं.
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और यूपी फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज एक्ट के तहत FIR दर्ज की है. अब तक बिल्डिंग मालिक Virendra Shukla, एनिमेशन स्टूडियो के फाउंडर Tushank Krishna Jaiswal समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.
इस हादसे ने LDA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. रिकॉर्ड के मुताबिक, साल 2016 में अवैध निर्माण के कारण इस बिल्डिंग को गिराने का आदेश दिया गया था, लेकिन दो महीने के भीतर ही उस आदेश को वापस ले लिया गया. फिलहाल पुलिस ने बिल्डिंग को सील कर दिया है और फॉरेंसिक टीम सबूत जुटा रही है. हादसे के बाद CM योगी और रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने घायलों और पीड़ितों से मुलाकात की.