Lucknow में भीषण आग से 15 लोगों की मौत, इमारत मालिक समेत 3 गिरफ्तार, 4 अधिकारी निलंबित
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में कई युवा झुलस गए, जिनमें से 9 का इलाज अभी अस्पतालों में चल रहा है। प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते
Lucknow: राजधानी के अलीगंज इलाके में एक व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग ने 15 लोगों की जान ले ली। इस हादसे में कई युवा झुलस गए, जिनमें से 9 का इलाज अभी अस्पतालों में चल रहा है। प्रशासन ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक और संचालकों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि लापरवाही बरतने वाले चार सरकारी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
यह दर्दनाक हादसा अलीगंज के पुरनिया इलाके में एक तीन मंजिला इमारत में हुआ। बताया जा रहा है कि इस इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर एक पेट शॉप और क्लिनिक था, जबकि ऊपर की मंजिल पर हेड हॉपर स्टूडियो नाम का एक एनिमेशन सेंटर चल रहा था। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक इसे लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आवासीय क्षेत्र में बनी यह इमारत पूरी तरह अवैध थी।
पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार होने वालों में इमारत के मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप संचालक रामकृष्ण उपाध्याय और एनिमेशन सेंटर चलाने वाले तुषांक कृष्ण जायसवाल शामिल हैं। अलीगंज थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के बाद अपना अलीगढ़ का दौरा रद्द कर दिया और सीधे KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों का हाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की मदद देने का ऐलान किया है। साथ ही, उन्होंने लापरवाही बरतने वाले ऊर्जा विभाग के XEN गौरव कुमार, फायर स्टेशन प्रभारी कमलेंद्र कुमार सिंह, LDA के सहायक अभियंता अनिल कुमार और जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडे को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस घटना पर दुख जताया और PMNRF से मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। मामले की गहराई से जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है, जिसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इसके अलावा लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने भी पांच सदस्यीय पैनल गठित किया है जो इमारत की अवैधता की जांच करेगा।
| मृतकों की संख्या | 15 (उम्र 20 से 24 साल के बीच) |
|---|---|
| घायलों की संख्या | 9 |
| गिरफ्तार आरोपी | 3 (मालिक और संचालक) |
| निलंबित अधिकारी | 4 (LDA और फायर विभाग) |
| कुल मुआवजा (राज्य + केंद्र) | मृतकों के परिजनों को 7 लाख रुपये |