UP : लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हज यात्रा से लौट रहे यात्रियों को अपने सामान के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी। 2 जून को लौटे यात्रियों के कई बैग गायब थे और कुछ के लॉक टूटे हुए मिले, जिससे एयरपोर्ट पर काफी
UP : लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हज यात्रा से लौट रहे यात्रियों को अपने सामान के लिए काफी परेशानी झेलनी पड़ी। 2 जून को लौटे यात्रियों के कई बैग गायब थे और कुछ के लॉक टूटे हुए मिले, जिससे एयरपोर्ट पर काफी विरोध हुआ। अब प्रशासन और एयरलाइंस ने इस मामले को सुलझा लिया है और छूटे हुए सामान को यात्रियों तक पहुँचाया जा रहा है।
सामान गायब होने की असली वजह क्या थी?
हज कमेटी उत्तर प्रदेश के सचिव मोहम्मद तारिक और एयरलाइन Flynas ने बताया कि फ्लाइट में वजन ज्यादा होने की वजह से कुछ सामान जेद्दा में ही उतार दिया गया था। पायलट के अनुरोध पर ओवरवेट सामान को अगली फ्लाइट्स के लिए रोका गया था। इसके अलावा, जेद्दा एयरपोर्ट की सुरक्षा जांच के दौरान परफ्यूम, तेल और आब-ए-ज़मज़म जैसे तरल पदार्थ हटा दिए जाते हैं, जिसे कुछ यात्रियों ने चोरी समझा।
अब तक क्या कार्रवाई हुई और क्या इंतजाम हैं?
विवाद के बाद 3 जून की देर शाम तक उन 65 यात्रियों का सामान लखनऊ पहुँच गया जिनका सामान 2 जून को गायब था। एयरपोर्ट प्रशासन ने Flynas एयरलाइंस को सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में सामान की हैंडलिंग में लापरवाही न बरतें। यात्रियों की मदद के लिए हज कमेटी ने 4 जून से अमौसी एयरपोर्ट पर एक हेल्पडेस्क शुरू किया है, जहाँ 2 स्टाफ सदस्य और 17 सहायक तैनात किए गए हैं।
प्रशासन और पुलिस का क्या कहना है?
एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा ने साफ किया कि किसी भी यात्री का सामान खोया नहीं है, बल्कि वजन की सीमा ज्यादा होने के कारण उसे बाद की फ्लाइट में भेजा गया था। एयरपोर्ट अथॉरिटी (LIAL) ने स्पष्ट किया कि सामान की डिलीवरी और उसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से एयरलाइन और उसके ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी की होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज यात्रियों का सामान क्यों नहीं पहुँचा था?
Flynas एयरलाइन के मुताबिक, फ्लाइट में वजन की सीमा ज्यादा होने के कारण कुछ बैग्स को जेद्दा एयरपोर्ट पर ही उतार दिया गया था, जिन्हें बाद की फ्लाइट्स से लखनऊ भेजा गया।
यात्रियों की मदद के लिए एयरपोर्ट पर क्या सुविधा है?
हज कमेटी उत्तर प्रदेश ने 4 जून से अमौसी एयरपोर्ट पर एक विशेष हेल्पडेस्क बनाया है, जहाँ 19 कर्मचारी यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए तैनात हैं।