UP: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक खास अभियान चलाया गया। एयरसाइड सेफ्टी टीम ने अलग-अलग विभागों के लोगों के साथ मिलकर ‘FOD वॉक’ की। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद रन
UP: लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक खास अभियान चलाया गया। एयरसाइड सेफ्टी टीम ने अलग-अलग विभागों के लोगों के साथ मिलकर ‘FOD वॉक’ की। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद रनवे और उसके आसपास के इलाकों में मौजूद उन छोटे-मोटे खतरों को पहचानना और हटाना था, जिनसे विमानों को नुकसान पहुँच सकता है।
FOD वॉक क्या है और क्यों की गई
FOD का मतलब ‘फॉरेन ऑब्जेक्ट डेब्री’ होता है। इसका सीधा मतलब है रनवे या रैंप पर पड़ा कोई भी बाहरी सामान जैसे पत्थर, धातु के टुकड़े, ढीले नट-बोल्ट या पैकेजिंग का कचरा। अगर ये चीजें विमान के इंजन या टायर में फंस जाएं, तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसी जोखिम को खत्म करने के लिए टीम ने पैदल चलकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया ताकि उड़ानों को पूरी तरह सुरक्षित बनाया जा सके।
एयरपोर्ट पर और क्या बदलाव हो रहे हैं
सुरक्षा के साथ-साथ लखनऊ एयरपोर्ट अपनी क्षमता भी बढ़ा रहा है। 14 मई से एप्रन 1 पर छह नए पार्किंग बे जोड़े जा रहे हैं, जिससे विमान पार्किंग क्षमता 19 से बढ़कर 24 हो जाएगी। इसके अलावा, 16 अगस्त से एयरपोर्ट पर फिर से 24 घंटे उड़ानें शुरू होने की तैयारी है। रनवे की नई कारपेटिंग और एलईडी लाइटों का काम भी किया गया है ताकि खराब मौसम में भी विमान सुरक्षित लैंड कर सकें।
यात्रियों और विमानों की बढ़ती संख्या
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2024 से मार्च 2025 के बीच यहाँ 64 लाख से ज्यादा यात्री आए। विमानों की आवाजाही में भी 9% की बढ़ोत्तरी हुई है। नए टैक्सीवे P-3 के चालू होने से अब विमानों की आवाजाही पहले से आसान होगी और पीक समय में ट्रैफिक का दबाव कम रहेगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
FOD वॉक का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
इसका मुख्य उद्देश्य रनवे, रैंप और हैंगर जैसे क्षेत्रों से बाहरी कचरा या धातु के टुकड़ों (Foreign Object Debris) को हटाना है, ताकि विमान के इंजन, टायर और अन्य उपकरणों को किसी भी तरह के नुकसान से बचाया जा सके।
लखनऊ एयरपोर्ट की पार्किंग क्षमता में क्या बदलाव हुआ है?
एयरपोर्ट ने अपनी विमान हैंडलिंग क्षमता बढ़ाने के लिए एप्रन 1 पर छह नए पार्किंग बे जोड़े हैं, जिससे कुल विमान पार्किंग क्षमता 19 से बढ़कर अब 24 हो गई है।