UP : लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से 10.39 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब
UP : लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बैंकॉक से आए एक यात्री के पास से 10.39 किलोग्राम हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत करीब 10.39 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कैसे पकड़ा गया तस्कर और क्या है पूरा मामला
पकड़ा गया यात्री बैंकॉक से मस्कट होते हुए लखनऊ पहुंचा था। एयरपोर्ट पर तैनात कस्टम टीम और एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने शक होने पर जब जांच की, तो उसके पास से भारी मात्रा में हाइड्रोपोनिक वीड मिला। आरोपी को NDPS एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है और अधिकारी अब इस नेटवर्क की जांच कर रहे हैं कि यह माल शहर में कहां सप्लाई होना था।
लखनऊ एयरपोर्ट पर गांजे की तस्करी के पिछले मामले
पिछले कुछ समय से लखनऊ एयरपोर्ट पर बैंकॉक और मस्कट के रास्ते गांजा लाने के मामले बढ़े हैं। कस्टम विभाग ने हाल ही में कई बड़ी बरामदगी की हैं:
| तारीख |
बरामदगी (वजन) |
कीमत (करोड़ में) |
रूट/तरीका |
| 2-3 जून 2026 |
13 किलोग्राम |
13 करोड़ |
मस्कट (चॉकलेट पैकेट में) |
| 9 मई 2026 |
14.872 किलोग्राम |
14.87 करोड़ |
बैंकॉक (3 यात्री) |
| 8 मई 2026 |
2.859 किलोग्राम |
2.86 करोड़ |
बैंकॉक |
| 7 मई 2026 |
– |
2.76 करोड़ |
बैंकॉक (5 गिरफ्तार) |
| 10 मार्च 2026 |
6.239 किलोग्राम |
6.23 करोड़ |
बैंकॉक (एयर एशिया) |
जांच में पता चला है कि जब बैंकॉक से सीधे आने वाले तस्कर पकड़े जाने लगे, तो उन्होंने अपना रास्ता बदल लिया और मस्कट के जरिए माल भेजने की कोशिश करने लगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हाइड्रोपोनिक गांजा क्या होता है और इसे क्यों लाया जा रहा था?
हाइड्रोपोनिक गांजा मिट्टी के बिना पानी और पोषक तत्वों की मदद से उगाया जाता है। तस्कर इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने के लिए बैंकॉक जैसे देशों से लखनऊ ला रहे थे।
तस्करों ने अपना रूट क्यों बदला?
बैंकॉक से सीधे लखनऊ आने वाले कई तस्कर पकड़े गए थे, इसलिए उन्होंने पकड़े जाने से बचने के लिए मस्कट के रास्ते लखनऊ माल भेजना शुरू किया था।