UP : लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। बेंगलुरु से भुवनेश्वर जा रहे Akasa Air के विमान QP-1503 की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। भुवनेश्वर में खराब मौसम की वजह से विमान वह
UP : लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बुधवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। बेंगलुरु से भुवनेश्वर जा रहे Akasa Air के विमान QP-1503 की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। भुवनेश्वर में खराब मौसम की वजह से विमान वहां नहीं उतर सका, जिसके बाद उसे लखनऊ डायवर्ट किया गया। इस दौरान विमान में ईंधन का स्तर काफी कम हो गया था, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी।
विमान में कितने यात्री थे और लैंडिंग कैसे हुई?
इस बोइंग-737 मैक्स विमान में कुल 194 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। पायलट ने रात 9:02 बजे लखनऊ ATC से संपर्क किया और ईंधन की कमी की जानकारी दी। इसके तुरंत बाद हवाई अड्डे पर ‘फुल इमरजेंसी’ घोषित कर दी गई। रनवे को खाली कराया गया और अग्निशमन दल व मेडिकल टीमों को तैनात किया गया। विमान ने रात 9:21 बजे सुरक्षित लैंडिंग की और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
इमरजेंसी लैंडिंग की मुख्य वजह क्या थी?
भुवनेश्वर में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश के कारण विमान को लैंडिंग की अनुमति नहीं मिली। लंबी उड़ान और डायवर्जन की वजह से विमान का ईंधन खत्म होने की कगार पर था, इसलिए पायलट ने ‘फ्यूल इमरजेंसी’ घोषित की। लखनऊ में लैंडिंग के बाद पायलट ने बताया कि विमान की सभी प्रणालियां सामान्य थीं। ईंधन भरने के बाद जब भुवनेश्वर का मौसम ठीक हुआ, तब विमान को वहां के लिए रवाना किया गया।
घटना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी
| विवरण |
जानकारी |
| एयरलाइन और फ्लाइट |
Akasa Air (QP-1503) |
| विमान का प्रकार |
Boeing-737 Max |
| कुल सवार लोग |
194 यात्री और क्रू |
| रूट |
बेंगलुरु से भुवनेश्वर |
| लैंडिंग समय |
रात 9:21 बजे (लखनऊ) |
| कारण |
खराब मौसम और ईंधन की कमी |
Frequently Asked Questions (FAQs)
विमान में कितने यात्री सवार थे और क्या कोई घायल हुआ?
विमान में कुल 194 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग के बाद सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे और कोई घायल नहीं हुआ।
लखनऊ एयरपोर्ट पर ‘फुल इमरजेंसी’ क्यों घोषित की गई थी?
पायलट ने लखनऊ ATC को सूचित किया था कि विमान में ईंधन का स्तर बहुत कम है (Fuel Emergency), जिसके कारण सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत तुरंत फुल इमरजेंसी घोषित कर रनवे खाली कराया गया था।