Lucknow में तेजी से बढ़ रहा AI चैटबॉट्स का इस्तेमाल, विशेषज्ञों ने कहा- इंसानी भावनाओं की जगह नहीं ले पाएगा AI

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अब संस्थानों के बीच एआई (AI) आधारित चैटबॉट्स का उपयोग काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (NIPM) उत्तर प्रदेश चैप्टर की एक अहम बैठक हुई, जिसमें विशेषज्ञों न

Lucknow: राजधानी लखनऊ में अब संस्थानों के बीच एआई (AI) आधारित चैटबॉट्स का उपयोग काफी तेजी से बढ़ रहा है। इस विषय पर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (NIPM) उत्तर प्रदेश चैप्टर की एक अहम बैठक हुई, जिसमें विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे तकनीक काम करने के तरीके को बदल रही है।

यह चर्चा रविवार को लखनऊ के एक होटल में आयोजित एनआईपीएम की वार्षिक आम बैठक के दौरान हुई। बैठक में मानव संसाधन (HR) क्षेत्र के कई बड़े अधिकारियों और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि संस्थानों में एआई चैटबॉट्स का चलन बढ़ गया है, लेकिन इसकी अपनी सीमाएं हैं। उन्होंने साफ किया कि एआई कभी भी इंसानों जैसी भावनात्मक बुद्धिमत्ता, सहानुभूति और मानवीय संवेदनाओं का मुकाबला नहीं कर सकता और न ही उनकी जगह ले सकता है।

इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-द्वितीय आशीष कुमार, एनआईपीएम उत्तर प्रदेश चैप्टर के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव, कोषाध्यक्ष डॉ. गजेंद्र कुमार गुप्ता और मानद सचिव डॉ. विष्णु पी. सिंह भी मौजूद रहे। सभी विशेषज्ञों ने मिलकर कर्मचारियों के सर्वांगीण विकास और उनके काम पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के पड़ने वाले असर पर विस्तार से बात की।