Lucknow के आचार्य नरेंद्र देव वार्ड में बदहाली, सुलभ शौचालय पर कब्जा और लटकते बिजली के तारों से लोग परेशान
Lucknow: राजधानी के आचार्य नरेंद्र देव वार्ड (वार्ड नंबर 99) के निवासी इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही से जूझ रहे हैं। इलाके में सुलभ शौचालय पर अवैध कब्जे से लेकर गंदे पानी की सप्लाई तक की समस्याए
Lucknow: राजधानी के आचार्य नरेंद्र देव वार्ड (वार्ड नंबर 99) के निवासी इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही से जूझ रहे हैं। इलाके में सुलभ शौचालय पर अवैध कब्जे से लेकर गंदे पानी की सप्लाई तक की समस्याएं सामने आई हैं, जिससे स्थानीय लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, वार्ड में बने सुलभ शौचालय पर अवैध कब्जा कर लिया गया है, जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही बिजली विभाग की लापरवाही भी उजागर हुई है, जहां बिजली के तार जमीन से महज 2 फीट की ऊंचाई पर लटक रहे हैं। जर्जर खंभों और इन खुले तारों की वजह से किसी भी समय बड़ा हादसा होने का डर बना रहता है।
पानी और सीवरेज की हालत भी बेहद खराब है। लोगों ने गंदे पानी की सप्लाई और सीवर ओवरफ्लो होने की शिकायत की है। इस समस्या को लेकर पहले भी विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। मई 2025 में भाजपा पार्षद मनीष रस्तोगी और स्थानीय निवासियों ने जल कल जोन सेवन कार्यालय पर प्रदर्शन किया था। उस समय अहीरी टोला, कथल वाली गली, नेपियर रोड कॉलोनी और निवाजगंज जैसे इलाकों में गंदा पानी आने की शिकायत की गई थी, जिसके बाद जल कल विभाग के इंजीनियरों ने काम शुरू किया था।
नगर निगम (LMC) ने शहर में ‘स्वच्छ टॉयलेट अभियान 2025’ जैसी योजनाएं शुरू की हैं ताकि सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति सुधारी जा सके, लेकिन इस वार्ड में शौचालय पर कब्जे की समस्या अब भी बनी हुई है। बिजली की समस्या के लिए मध्यानचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) और लखनऊ विद्युत आपूर्ति प्रशासन (LESA) जिम्मेदार हैं, जबकि पानी और सीवरेज के लिए जल निगम और नगर निगम की भूमिका रहती है।