UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में सोमवार को 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री Sandeep Singh के आवास के बाहर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। तपती ध
UP: उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में सोमवार को 69,000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री Sandeep Singh के आवास के बाहर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। तपती धूप और भीषण गर्मी में अभ्यर्थी सड़क पर पेट के बल रेंगते हुए मंत्री के घर तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
अभ्यर्थियों ने सड़क पर रेंगकर प्रदर्शन क्यों किया?
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि पिछले 6 सालों से वे न्याय का इंतजार कर रहे हैं। सड़क पर रेंगकर उन्होंने यह बताने की कोशिश की कि उनकी हालत कीड़े-मकौड़ों से भी बदतर हो गई है। सुशील गुप्ता और अमरेंद्र पटेल के नेतृत्व में जुटे इन अभ्यर्थियों का आरोप है कि 69,000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण महा घोटाला हुआ है और सरकार सुप्रीम कोर्ट में उनकी ठीक से पैरवी नहीं कर रही है।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और अभ्यर्थियों की मांग क्या है?
अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर मांग की है कि 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान सरकार ‘याची लाभ’ का प्रस्ताव रखे। उनका मानना है कि यही विवाद को सुलझाने का सबसे सुरक्षित रास्ता है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मंत्री आवास पहुंचने से पहले ही रोक लिया और उन्हें हिरासत में लेकर Eco Garden भेज दिया।
क्या है इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि?
यह मामला 2018 में जारी 69,000 शिक्षक भर्ती के नोटिफिकेशन से जुड़ा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जून 2020 और जनवरी 2022 की चयन सूचियों को रद्द कर दिया था। कोर्ट ने सरकार को 2019 की ATRE परीक्षा के आधार पर तीन महीने में नई लिस्ट जारी करने को कहा था। अब 19 मई को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी, जिसे एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
69,000 शिक्षक भर्ती मामला क्या है?
यह मामला 2018 की शिक्षक भर्ती में कथित आरक्षण अनियमितताओं से जुड़ा है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इसकी चयन सूचियों को रद्द कर दिया था, जिसके बाद अब मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई कब है?
इस मामले में 19 मई 2026 को महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है, जिसे जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच सुनेगी। इसके बाद अगली तारीख 31 मई निर्धारित है।