Lucknow में निकला 187 साल पुराना शाही मेहंदी का जुलूस, हाथी-ऊंट और पारंपरिक साजो-सामान के साथ दिखी नवाबी झलक

Lucknow: राजधानी लखनऊ में 187 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए शाही मेहंदी का जुलूस निकाला गया। यह ऐतिहासिक जुलूस 7 मुहर्रम यानी 23 जून 2026 को बड़े इमामबाड़े से शुरू हुआ और देर रात छोटे इमामबाड़े पर जाकर संपन्न हुआ। इस द

Lucknow: राजधानी लखनऊ में 187 साल पुरानी परंपरा को निभाते हुए शाही मेहंदी का जुलूस निकाला गया। यह ऐतिहासिक जुलूस 7 मुहर्रम यानी 23 जून 2026 को बड़े इमामबाड़े से शुरू हुआ और देर रात छोटे इमामबाड़े पर जाकर संपन्न हुआ। इस दौरान शहर में नवाबी दौर की यादें ताजा हो गईं और बड़ी संख्या में अकीदतमंद इसमें शामिल हुए।

हुसैनाबाद ट्रस्ट द्वारा आयोजित इस जुलूस का नेतृत्व जिलाधिकारी के संरक्षण में किया गया। प्रशासन की ओर से एडीएम पूर्वी महेंद्रपाल सिंह और ज्वाइंट सीपी बबलू कुमार मौके पर मौजूद रहे ताकि व्यवस्था बनी रहे। जुलूस में रॉयल फैमिली से मसूद अब्दुल्ला, जावेद और अफ्हाम-ए-जमा सोसाइटी के अध्यक्ष सैयद अली मीसम नकवी समेत कई गणमान्य लोग और उलमा शामिल हुए।

यह जुलूस हजरत कासिम की याद में निकाला जाता है जिनकी शादी कर्बला की जंग से पहले नहीं हो पाई थी। इतिहास के मुताबिक इस परंपरा की शुरुआत नवाब मोहम्मद अली शाह के समय में हुई थी और बाद में नवाब वाजिद अली शाह ने इसमें मेहंदी के गीतों को जोड़ा। जुलूस के दौरान हाथी, घोड़े, ऊंट और शाही बैनर के साथ-साथ बहराइच के कारीगरों द्वारा सजाई गई दो मेहंदी की ज़र्राहें भी आकर्षण का केंद्र रहीं।

सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे और यातायात के रूट में भी बदलाव किया गया था ताकि आम जनता को परेशानी न हो। लगभग तीन घंटे तक चले इस जुलूस में रौशन चौकी, बाजे, बैंड और अलम के साथ शाही अंदाज में अकीदतमंद अपनी आस्था प्रकट करते नजर आए।