Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शहर के विकास के लिए एक नई सोच पेश की है। शुक्रवार, 8 मई 2026 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में आयोजित ‘रीइमैजिनिंग दिल्ली’
Delhi: दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शहर के विकास के लिए एक नई सोच पेश की है। शुक्रवार, 8 मई 2026 को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में आयोजित ‘रीइमैजिनिंग दिल्ली’ कार्यक्रम में उन्होंने हिस्सा लिया। LG ने साफ कहा कि दिल्ली को बेहतर और नया स्वरूप देना केवल प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हम सबकी साझा जिम्मेदारी है।
दिल्ली के विकास के लिए किन 5 बातों पर जोर दिया गया
उपराज्यपाल ने एक विकसित दिल्ली बनाने के लिए पांच मुख्य आधार बताए हैं। उन्होंने कहा कि शहर की तरक्की के लिए सतत विकास, समावेशी वृद्धि, संस्कृति, नवाचार और संवेदनशीलता पर ध्यान देना जरूरी है। LG ने छात्रों से भी अपील की कि वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और देश बनाने में अपनी भूमिका निभाएं।
शहरीकरण और पर्यावरण की चुनौतियों से कैसे निपटेंगे
LG ने बताया कि दिल्ली में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण की वजह से संसाधनों पर दबाव बढ़ा है। पर्यावरणीय चुनौतियों और बढ़ते दबाव से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और नए आइडियाज के जरिए शहर की समस्याओं को सुलझाने की बात कही।
JNU से जुड़ाव और व्यक्तिगत अनुभव
कार्यक्रम के दौरान तरनजीत सिंह संधू ने JNU के साथ अपने पुराने रिश्तों को याद किया। उन्होंने इसे अपने लिए एक भावनात्मक अनुभव बताया। उनके मुताबिक JNU एक ऐसी जगह है जो विचारों को नई दिशा देती है और इंसान के व्यक्तित्व को निखारने में मदद करती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रीइमैजिनिंग दिल्ली कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था
इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिल्ली को नया स्वरूप देना और शहरीकरण, पर्यावरण व जनसंख्या वृद्धि जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयास करना था।
LG ने विकसित दिल्ली के लिए कौन से पांच स्तंभ बताए
LG ने सतत विकास, समावेशी वृद्धि, संस्कृति, नवाचार और संवेदनशीलता को विकसित दिल्ली के पांच प्रमुख स्तंभ बताया है।