GIFT-IFSC में LEXI को मिली मंजूरी, भारतीय निर्यातकों के लिए पेमेंट सिस्टम होगा अब और आसान

Finance: भारतीय निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पेमेंट की प्रक्रिया अब और आसान होने वाली है। LEXI Money IFSC Private Limited (LEXI) को गुजरात के Gandhinagar स्थित GIFT-IFSC में पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर (PSP) के

Finance: भारतीय निर्यातकों के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और पेमेंट की प्रक्रिया अब और आसान होने वाली है। LEXI Money IFSC Private Limited (LEXI) को गुजरात के Gandhinagar स्थित GIFT-IFSC में पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर (PSP) के तौर पर काम करने के लिए IFSCA से शुरुआती मंजूरी (in-principle approval) मिल गई है। यह कदम भारत के उन निर्यातकों की मदद करेगा जो विदेशों में अपना सामान बेचते हैं और पेमेंट लेने में दिक्कतों का सामना करते हैं।

इस मंजूरी के बाद LEXI अब एक ऐसा स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा जिससे ट्रेड और पेमेंट का काम तेजी से होगा। कंपनी का मुख्य उद्देश्य निर्यातकों के सामने आने वाली वित्तीय और नियमों से जुड़ी बाधाओं को दूर करना है। भारत सरकार ने 2030 तक 2 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात का लक्ष्य रखा है और LEXI का यह प्लेटफॉर्म इस लक्ष्य को पाने में मदद करेगा।

यह पूरी प्रक्रिया IFSCA (Payment Services) Regulations, 2024 के तहत पूरी की गई है। नियमों के मुताबिक, किसी भी कंपनी को यहाँ काम करने के लिए IFSCA से अनुमति लेना और IFSC में अपना रजिस्टर्ड ऑफिस खोलना जरूरी होता है।

मुख्य नियम और शर्तें विवरण
न्यूनतम नेट वर्थ शुरुआत में 1,00,000 USD, जो 3 साल में 2,00,000 USD होनी चाहिए
फंड मैनेजमेंट ग्राहकों का पैसा IBU के एस्क्रो अकाउंट में अलग रखना होगा
अनुपालन (Compliance) AML, CTF और KYC नियमों का पालन करना अनिवार्य है
दी जाने वाली सेवाएं अकाउंट जारी करना (e-money सहित), क्रॉस-बॉर्डर मनी ट्रांसफर और मर्चेंट एक्विजिशन

LEXI के को-फाउंडर और CEO Dipender Bhamrah ने बताया कि कंपनी सिर्फ पेमेंट प्रोसेसिंग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में निर्यातकों को आने वाली बड़ी चुनौतियों को हल करने पर काम करेगी। अब कंपनी को IFSCA से सर्टिफिकेट ऑफ ऑथराइजेशन (CoA) मिलना बाकी है, जिसके बाद वह पूरी तरह से अपना कामकाज शुरू कर सकेगी। इससे भारतीय निर्यातकों को मल्टी-करेंसी सेटलमेंट की सुविधा मिलेगी और बैंकिंग पार्टनर्स के साथ पारदर्शिता बढ़ेगी।