Lebanon में शांति की कोशिशें, राष्ट्रपति Joseph Aoun ने अमेरिका से मांगी मदद
World : लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने अमेरिका से अपील की है कि वह लेबनान का साथ देना जारी रखे। यह मांग ऐसे समय में आई है जब लेबनान और इजरायल के बीच लंबे समय तक चलने वाली शांति स्थापित करने की कोशिशें चल रही हैं। रा
World : लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने अमेरिका से अपील की है कि वह लेबनान का साथ देना जारी रखे। यह मांग ऐसे समय में आई है जब लेबनान और इजरायल के बीच लंबे समय तक चलने वाली शांति स्थापित करने की कोशिशें चल रही हैं। राष्ट्रपति Aoun चाहते हैं कि युद्ध के पन्ने पलटकर अब शांति और स्थिरता की नई शुरुआत हो।
इस पूरी प्रक्रिया में अमेरिका एक बीचस्थ की भूमिका निभा रहा है। 26 जून 2026 को एक ‘Trilateral Framework’ समझौता साइन किया गया था, जिसका मकसद लेबनान और इजरायल के रिश्तों को फिर से तय करना है। इस समझौते के तहत इजरायल लेबनान की जमीन से पीछे हटेगा, लेकिन इसकी शर्त यह है कि लेबनान में मौजूद हिजबुल्लाह जैसे सशस्त्र समूहों को निशस्त्र करना होगा।
शांति की इन कोशिशों के बीच जमीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं। 4 जुलाई 2026 को लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के माउंट बेसिल और बेत लीफ जैसे इलाकों में गोलाबारी की। इसके अलावा मंसूरी में ड्रोन हमला भी हुआ। वहीं, इजरायल का दावा है कि उसने हिजबुल्लाह के 10 ठिकानों और हथियारों से भरी एक गाड़ी को निशाना बनाया।
इस बीच अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने लेबनान के लिए 130 मिलियन डॉलर की मदद का ऐलान किया है। इसमें 100 मिलियन डॉलर मानवीय सहायता के लिए और 30 मिलियन डॉलर लेबनानी सेना (LAF) के खर्चों के लिए दिए जाएंगे। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि यह मदद पारदर्शिता और तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करने पर ही मिलेगी।
दूसरी तरफ, ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने इस शांति समझौते को सिरे से खारिज कर दिया है। हिजबुल्लाह के महासचिव नइम कासिम ने इसे संप्रभुता का समर्पण और अपमानजनक बताया है। उन्होंने कहा कि जब तक इजरायल पूरी तरह पीछे नहीं हटता, वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।