Kuwait पर ईरान का मिसाइल और ड्रोन हमला, 4 सैनिक घायल, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा
World : मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने Kuwait पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है, जिसके जवाब में कुवैत की सेना ने अपने डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए हैं। इस हमले में कुवैत के चार सैनिक घायल हुए हैं। य
World : मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने Kuwait पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है, जिसके जवाब में कुवैत की सेना ने अपने डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए हैं। इस हमले में कुवैत के चार सैनिक घायल हुए हैं। यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद से जुड़ा है, क्योंकि कुवैत में अमेरिका के कई अहम सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल Saud Abdulaziz Al-Atwan ने बताया कि 13 जुलाई की शाम से अब तक ईरान की तरफ से एक बैलिस्टिक मिसाइल, पांच क्रूज मिसाइल और 33 ड्रोन दागे गए। कुवैत की सेना ने इन खतरों को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी है। वहां के आम लोगों को सुनाई देने वाले धमाके असल में एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने की आवाजें थीं।
दूसरी तरफ, ईरान के Revolutionary Guards Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने ‘ऑपरेशन नसर-2’ के तहत बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान का कहना है कि उन्होंने अली अल सालेम एयर बेस पर ड्रोन तैनात करने वाले रैंप को नुकसान पहुंचाया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर सकता है, जिससे दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई रुक जाएगी।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। सरकार ने वहां रहने वाले नागरिकों और निवासियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी गिरे हुए मिसाइल या ड्रोन के मलबे के पास न जाएं, उसकी फोटो न खींचें और न ही उसे सोशल मीडिया पर शेयर करें। किसी भी संदिग्ध वस्तु की जानकारी तुरंत 112 नंबर पर देने को कहा गया है।
इस तनाव के बीच कुवैत अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर रहा है। हाल ही में कुवैत ने NASAMS मिसाइल सिस्टम के लिए 1 बिलियन डॉलर और ड्रोन हमलों से बचने वाले सिस्टम के लिए 1.98 बिलियन डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट किया है। इस विवाद का असर पूरे क्षेत्र पर दिख रहा है, जहां बहरीन, कतर, जॉर्डन और UAE जैसे देशों ने भी अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है।