Kuwait में ईरान के ड्रोन हमलों से मचा हड़कंप, एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव, US बेस को बनाया निशाना

World : कुवैत में ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमलों के बाद वहां काफी तनाव बढ़ गया है। कुवैत की सेना ने इन हमलों को रोकने के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। सैन्य बलों ने आसमान से आने वाले खतरों को बीच में

World : कुवैत में ईरान की ओर से किए गए ड्रोन हमलों के बाद वहां काफी तनाव बढ़ गया है। कुवैत की सेना ने इन हमलों को रोकने के लिए अपने एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया है। सैन्य बलों ने आसमान से आने वाले खतरों को बीच में ही रोकने का काम किया है। प्रशासन ने लोगों को अलर्ट रहने और इमरजेंसी निर्देशों का पालन करने को कहा है।

कुवैत के जनरल स्टाफ ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को बताया कि उन्होंने ईरानी हमले के जवाब में दुश्मन के ड्रोन को मार गिराया। अधिकारियों ने साफ किया कि अगर लोगों को धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है, तो वह एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा टारगेट को नष्ट करने की वजह से है। इससे पहले बुधवार, 15 जुलाई को भी कुवैत ने 25 ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया था।

दूसरी तरफ ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनके ड्रोन और मिसाइलों ने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। ईरान के मुताबिक, उनके इस ‘नसर 2 ऑपरेशन’ में अमेरिका के अर्ली वार्निंग रडार सिस्टम और सैनिकों के जमा होने वाली जगह पर हमला किया गया।

ईरान ने इस हमले की वजह अमेरिका द्वारा दक्षिणी ईरानी शहरों और तटीय इलाकों पर किए गए हमलों को बताया है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह कुवैत की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए कर रहा है और कुवैत से अमेरिकी सेना को बाहर निकालने की मांग की है। यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा है, जो होर्मुज जलडमरूमध्य के विवाद से जुड़ा है।