Kuwait में ईरान के हमले से बिजली और पानी की किल्लत, लगातार चौथे दिन पावर प्लांट निशाने पर

World: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और अब ईरान ने कुवैत के पावर और डिसैलिनेशन प्लांट (समुद्री पानी से मीठा पानी बनाने वाले प्लांट) को निशाना बनाया है। सोमवार रात 20 जुलाई 2026 को हुए इस हमले के बाद कुवैत में बिजली और पा

World: मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और अब ईरान ने कुवैत के पावर और डिसैलिनेशन प्लांट (समुद्री पानी से मीठा पानी बनाने वाले प्लांट) को निशाना बनाया है। सोमवार रात 20 जुलाई 2026 को हुए इस हमले के बाद कुवैत में बिजली और पानी की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। यह लगातार चौथा दिन है जब ईरान ने इन जरूरी सुविधाओं पर हमले किए हैं जिससे वहां आग लगी और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है।

कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि हमलों की वजह से बिजली पैदा करने वाली कई यूनिट्स खराब हो गई हैं। फायर ब्रिगेड की टीमों ने आग पर काबू पा लिया है और अब तकनीकी टीम बिजली ग्रिड को ठीक करने में जुटी है। कुवैत की लगभग 90 प्रतिशत पीने का पानी इन्हीं प्लांट से आता है, इसलिए इस हमले के बाद वहां के लोगों के लिए पानी और बिजली का संकट खड़ा हो गया है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे इस मुश्किल समय में बिजली और पानी का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर और कम करें।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरान की इस हरकत की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने इसे कुवैत की संप्रभुता का उल्लंघन और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ा खतरा बताया है। वहीं कुवैत के जनरल स्टाफ ने पुष्टि की है कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान द्वारा भेजे गए मिसाइलों और ड्रोन्स को बीच में ही रोकने की कोशिश की है।

दूसरी तरफ, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। ईरान का दावा है कि उसने कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य सहायता केंद्रों और रडार सुविधाओं को निशाना बनाया है। ईरान ने इसके अलावा बहरीन, जॉर्डन और सऊदी अरब में भी हमले किए हैं और चेतावनी दी है कि जो देश अमेरिकी सेना को जगह दे रहे हैं, वे जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच सीधा टकराव बढ़ रहा है। अमेरिका का सेंट्रल कमांड ईरान के मिलिट्री कमांड सेंटर्स और मिसाइल लॉन्च साइट्स पर हमले कर रहा है। वहीं पाकिस्तान इस समय एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है ताकि ईरान और अमेरिका के बीच टूटे हुए समझौते को फिर से शुरू किया जा सके। मंगलवार को ईरान के आंतरिक मंत्री एस्कंदर मोमेनी इस सिलसिले में पाकिस्तान में बैठकें कर रहे हैं।

क्षेत्रीय हालात इतने खराब हैं कि मंगलवार को बहरीन में मिसाइल अलर्ट के सायरन बजाए गए और जॉर्डन की सेना ने ईरान द्वारा भेजे गए पांच ड्रोन्स और तीन मिसाइलों को मार गिराया। इसके अलावा हॉर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर भी हमला हुआ है जिससे चालक दल को जहाज छोड़कर भागना पड़ा।