Kuwait में भारतीय दूतावास की सेवाएं सीमित, 19 जुलाई 2026 तक सिर्फ इमरजेंसी केस ही होंगे स्वीकार

World : कुवैत में रह रहे लाखों भारतीयों के लिए जरूरी खबर है। भारतीय दूतावास ने अपनी सामान्य कांसुलर सेवाओं को फिलहाल बंद कर दिया है। अब 19 जुलाई 2026 तक केवल उन्हीं मामलों को स्वीकार किया जाएगा जो बहुत जरूरी या इमरजेंसी

World : कुवैत में रह रहे लाखों भारतीयों के लिए जरूरी खबर है। भारतीय दूतावास ने अपनी सामान्य कांसुलर सेवाओं को फिलहाल बंद कर दिया है। अब 19 जुलाई 2026 तक केवल उन्हीं मामलों को स्वीकार किया जाएगा जो बहुत जरूरी या इमरजेंसी श्रेणी में आते हैं।

दूतावास ने साफ किया है कि सामान्य पासपोर्ट, वीजा और अटैस्टेशन (दस्तावेजों के सत्यापन) का काम अभी नहीं होगा। कुवैत के सभी भारतीय कांसुलर एप्लीकेशन सेंटर (ICACs) में भी आवेदन लेना बंद कर दिया गया है। जिन लोगों को अर्जेंट मदद चाहिए, वे सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच दूतावास के कांसुलर विंग में जा सकते हैं।

इमरजेंसी सेवाओं के तहत केवल Tatkal पासपोर्ट, NRI सर्टिफिकेट, कम समय के लिए वैध पासपोर्ट (जिनका Civil ID खत्म हो रहा है), इमरजेंसी सर्टिफिकेट और ई-वीजा जैसे काम किए जाएंगे। इसके लिए आवेदक को यह साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे कि उनका मामला वाकई अर्जेंट है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यह फैसला कामकाज को सही ढंग से चलाने के लिए लिया गया है और इसका भारत की वीजा पॉलिसी या कुवैत के रिस्क रेटिंग से कोई लेना-देना नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव की वजह से खाड़ी देशों के डिप्लोमैटिक मिशनों पर असर पड़ा है, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की मदद के लिए Madad पोर्टल और 24 घंटे चलने वाली हेल्पलाइन सेवा को एक्टिव कर दिया है ताकि किसी भी परेशानी के समय लोग संपर्क कर सकें।