Tamil Nadu के कुडनकुलम परमाणु प्लांट में लगा रिएक्टर प्रेशर वेसल, बिजली उत्पादन की दिशा में बड़ा कदम

Tamil Nadu: भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ी उपलब्धि मिली है। तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा केंद्र (KKNPP) की यूनिट-5 में रिएक्टर प्रेशर वेसल (RPV) को सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। यह प्लांट देश के सबसे बड़े

Tamil Nadu: भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में एक बड़ी उपलब्धि मिली है। तमिलनाडु के कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा केंद्र (KKNPP) की यूनिट-5 में रिएक्टर प्रेशर वेसल (RPV) को सफलतापूर्वक लगा दिया गया है। यह प्लांट देश के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा केंद्रों में से एक है और इस काम के पूरा होने से बिजली उत्पादन की रफ्तार बढ़ेगी।

इस बड़े काम के लिए Atomic Energy Regulatory Board (AERB) ने जरूरी मंजूरी दी थी। Nuclear Power Corporation of India Limited (NPCIL) ने बताया कि यह सफलता भारतीय और रूसी टीमों की कड़ी मेहनत और तालमेल का नतीजा है। रूस के Rosatom स्टेट कॉर्पोरेशन और वहां की एम्बेसी ने भी इसे भारत और रूस के बीच परमाणु सहयोग का एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है।

रिएक्टर प्रेशर वेसल को रूस के वोल्गोडोंस्क स्थित Atommash प्लांट में बनाया गया था। यह एक बहुत बड़ा स्टील का ढांचा है जिसका वजन करीब 320 टन है। इसे प्लांट का ‘दिल’ कहा जाता है क्योंकि इसी के अंदर परमाणु विखंडन (nuclear fission) होता है जिससे ऊर्जा पैदा होती है। इसे लगाने के लिए ‘ओपन-टॉप’ तरीके का इस्तेमाल किया गया, जिसमें एक भारी क्रेन के जरिए इसे सीधे रिएक्टर बिल्डिंग में उतारा गया।

कुडनकुलम प्रोजेक्ट 1988 में भारत और रूस की साझेदारी में शुरू हुआ था। इसमें रूसी VVER-1000 तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। जब सभी छह यूनिट चालू हो जाएंगी, तो इस पूरे हब की कुल क्षमता 6,000 MWe हो जाएगी। भारत का लक्ष्य 2047 तक परमाणु क्षमता को 100 GW तक ले जाना है।

फिलहाल यूनिट 1 और 2 काम कर रही हैं, जिनसे अब तक 130 बिलियन यूनिट बिजली पैदा हो चुकी है। इससे पर्यावरण को भी फायदा हुआ है क्योंकि करीब 112 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम हुआ है। यूनिट 3 और 4 का काम आखिरी दौर में है, जबकि यूनिट 5 के 2026 के अंत तक चालू होने की उम्मीद है।