Kota में JEE छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर दी जान, बिहार से आई थी कोचिंग करने
Rajasthan/Kota : कोटा में एक बार फिर कोचिंग छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया है। यहाँ JEE की तैयारी कर रही एक छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह छात्रा जनवरी के महीने में बिहार से कोटा आई थी
Rajasthan/Kota : कोटा में एक बार फिर कोचिंग छात्र की आत्महत्या का मामला सामने आया है। यहाँ JEE की तैयारी कर रही एक छात्रा ने फ्लाईओवर से कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। यह छात्रा जनवरी के महीने में बिहार से कोटा आई थी और यहाँ एक पीजी में रहकर पढ़ाई कर रही थी।
कोटा में पिछले कुछ समय से छात्रों द्वारा आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हाल ही में 4 जून 2026 को यूपी के संत कबीर नगर के छात्र आर्यन ओझा ने पीजी में फांसी लगाई थी। वहीं 3 मई 2026 को नीट की परीक्षा से ठीक एक दिन पहले दीक्षित नाम के छात्र ने हॉस्टल की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। जनवरी 2026 में भी हरियाणा के सरताज सिंह और 10वीं के छात्र चेतन गुर्जर ने आत्महत्या की थी।
इन घटनाओं को रोकने के लिए कोटा जिला प्रशासन ने जुलाई 2024 से नए नियम लागू किए हैं। अब हर छात्र को एक यूनिक आईडी दी जाएगी और कोचिंग संस्थानों को उनकी रोजाना हाजिरी लगानी होगी। अगर कोई छात्र तीन दिन तक क्लास नहीं आता है, तो संस्थान को तुरंत पुलिस और प्रशासन को बताना होगा। इसके अलावा, कोचिंग की टीमें अब हॉस्टल और पीजी जाकर छात्रों से बात करेंगी ताकि उनकी समस्याओं को समझा जा सके।
छात्रों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए अभिभावकों की काउंसलिंग की जा रही है और उन्हें अन्य करियर विकल्पों के बारे में बताया जा रहा है। इससे पहले अगस्त 2023 में राजस्थान सरकार ने रूटीन टेस्ट पर दो महीने का बैन लगाया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी मई 2025 में राज्य सरकार से सवाल किया था कि केवल कोटा में ही छात्र आत्महत्या क्यों कर रहे हैं। प्रशासन अब एंटी-सुसाइड नेट और काउंसलिंग जैसे उपायों पर जोर दे रहा है।