Bihar: कोशी स्नातक एमएलसी चुनाव को लेकर रजनीश रंजन ने फूंका चुनावी बिगुल, वर्तमान एमएलसी पर साधा निशाना

Bihar/Bhagalpur: कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। भागलपुर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रत्याशी रजनीश रंजन ने विधिवत रूप से अपने चुनावी अभियान का

Bihar/Bhagalpur: कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। भागलपुर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रत्याशी रजनीश रंजन ने विधिवत रूप से अपने चुनावी अभियान का आगाज कर दिया है। उन्होंने क्षेत्र के शिक्षित युवाओं और शिक्षकों की समस्याओं को मुद्दा बनाते हुए वर्तमान एमएलसी पर तीखा हमला बोला है।

रजनीश रंजन ने कहा कि वर्तमान एमएलसी स्नातकों और शिक्षकों के मुद्दों पर ध्यान देने में विफल रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे कोशी क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं, कर्मचारियों और स्नातक मतदाताओं की आवाज को मजबूती से उठाएंगे। अपने अभियान को तेज करते हुए उन्होंने 9 जून 2026 को सुपौल में चुनावी कार्यक्रम चलाया और 21 जून 2026 को नगर भवन टाउन हॉल में एक बड़ी जनसभा बुलाने का आह्वान किया। इसके अलावा 19 जुलाई 2026 को लखीसराय में स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

वहीं, इस चुनाव को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए हैं। राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता नितेश कुमार यादव ने वर्तमान एमएलसी डॉ. एन.के. यादव को ‘एक्सीडेंटल एमएलसी’ करार दिया है और उन पर गलत तरीके से चुनाव जीतने का आरोप लगाया है। कोशी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पूर्णिया, भागलपुर और मुंगेर प्रमंडल के कुल 14 जिले शामिल हैं।

चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर आधिकारिक जानकारी इस प्रकार है:

विवरण तिथि/जानकारी
चुनाव का वर्ष 2026
अर्हता तिथि (Eligibility Date) 1 नवंबर, 2025
प्राथमिक मतदाता सूची प्रकाशन 25 नवंबर, 2025 (7889 मतदाता)
नाम संशोधन की अंतिम तिथि 10 दिसंबर, 2025
अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तिथि 30 दिसंबर, 2025
फॉर्म-18 जमा करने की अंतिम तिथि 6 नवंबर, 2025

भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्रों का निर्धारण किया गया है। सुपौल में 13 प्रस्तावित मतदान केंद्र होंगे, जिनमें से ज्यादातर सरकारी भवनों में बनाए जाएंगे। नियम के मुताबिक हर मतदान केंद्र पर 1400 से कम मतदाता रखे जाएंगे ताकि मतदान प्रक्रिया सरल रहे।