Maharashtra: कोंकण इलाके के आम और काजू किसानों ने फसल के भारी नुकसान को लेकर मुंबई में बड़ा प्रदर्शन किया। शुक्रवार, 15 मई 2026 को ‘चलो मुंबई’ मार्च के जरिए किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। किसानों क
Maharashtra: कोंकण इलाके के आम और काजू किसानों ने फसल के भारी नुकसान को लेकर मुंबई में बड़ा प्रदर्शन किया। शुक्रवार, 15 मई 2026 को ‘चलो मुंबई’ मार्च के जरिए किसान अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। किसानों का कहना है कि इस साल उत्पादन में 80 से 90 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, लेकिन सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है।
किसानों की मुख्य मांगें और सरकार का ऑफर क्या है?
सरकार ने फसल नुकसान के लिए 22,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे का ऐलान किया है। हालांकि, किसान इससे संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि आम की फसल के नुकसान के लिए 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और काजू के बागानों के लिए 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा दिया जाए।
मुंबई में प्रदर्शन के दौरान क्या हुआ?
यह मार्च गिरगांव चौपाटी से शुरू होकर मुख्यमंत्री के आवास ‘वर्षा’ की ओर जा रहा था। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे और नरीमन पॉइंट व मंत्रालय के पास बैरिकेड्स लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोका। इस दौरान राजू शेट्टी, सुप्रिया सुले और हर्षवर्धन सपकाल जैसे कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि आजाद मैदान के अलावा कहीं भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी।
फसलों पर मौसम का क्या असर पड़ा?
अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि) विकास चंद्र रस्तोगी के मुताबिक, मौसम में अचानक आए बदलाव से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पालघर में आम की 45% और सिंधुदुर्ग में 90% फसल प्रभावित हुई है। वहीं काजू की बात करें तो सिंधुदुर्ग में 60-70% और रत्नागिरी में 50% उत्पादन कम हुआ है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावणकुले ने जल्द ‘पंचनामा’ कराने और राहत पैकेज देने का भरोसा दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोंकण के किसान सरकार से कितने मुआवजे की मांग कर रहे हैं?
किसान आम की फसल के लिए 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर और काजू के बागानों के लिए 3 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
फसलों के नुकसान का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
अतिरिक्त मुख्य सचिव के अनुसार, बेमौसम बारिश और जलवायु परिवर्तन के कारण आम और काजू के उत्पादन में भारी गिरावट आई है।