Kolkata एयरपोर्ट पर लैंडिंग के समय पायलट की आंखों में पड़ी लेजर लाइट, खतरे में पड़े 166 यात्रियों की जान
West Bengal: कोलकाता के নেতजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल (NSCBI) एयरपोर्ट पर शनिवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-184, जो कुआलालंपुर से आ रही थी, अपनी लैंडिंग के आखिरी दौर में थी तभी अचानक
West Bengal: कोलकाता के নেতजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल (NSCBI) एयरपोर्ट पर शनिवार रात एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-184, जो कुआलालंपुर से आ रही थी, अपनी लैंडिंग के आखिरी दौर में थी तभी अचानक एक तेज लेजर लाइट पायलट की आंखों में पड़ी। इसकी वजह से पायलट को कुछ समय के लिए दिखना बंद हो गया और वह दिशाभ्रमित हो गया।
यह घटना शनिवार रात 8 अगस्त 2026 को करीब 11:20 बजे हुई। विमान रनवे से करीब 15 किलोमीटर दूर था जब यह लेजर बीम पायलट की आंखों में आई। सुरक्षा कारणों से पायलट को तुरंत लैंडिंग रोकनी पड़ी और विमान को रनवे के चारों ओर चक्कर लगाना पड़ा। करीब 5 मिनट बाद रात 11:25 बजे विमान को सुरक्षित लैंड कराया गया। इस फ्लाइट में कुल 159 यात्री और 7 क्रू मेंबर्स सवार थे।
एयरपोर्ट डायरेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के आसपास लेजर लाइट का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत पुलिस से कर दी गई है और जांच जारी है। अधिकारियों को शक है कि यह लेजर लाइट मध्यग्राम या बारासात इलाके में किसी शादी समारोह के डीजे सेटअप से आई होगी, क्योंकि इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है।
DGCA के नियमों के मुताबिक एयरपोर्ट के 18.5 किलोमीटर के दायरे में लेजर लाइट जलाना मना है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स के अध्यक्ष कैप्टन सी एस रंधावा ने चेतावनी दी है कि ऐसी लाइटें पायलट को कई सेकंड तक अंधा कर सकती हैं, जो हवाई सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है।
भारतीय कानून के तहत विमान की ओर लेजर लाइट डालना अपराध है। पकड़े जाने पर BNS की धारा 223(a) और 125 के तहत कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। पुलिस अब बारासात और मध्यग्राम के इलाकों में होटल, बैंक्वेट हॉल और पूजा पंडालों की जांच कर रही है ताकि दोषी का पता लगाया जा सके।