Maharashtra: कोल्हापुर की मशहूर Gokul Dairy के चुनाव को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य के सहकारिता विभाग को आदेश दिया है कि चुनाव कराने से पहले 1,320 प्राइमरी मेंबर सोसायट
Maharashtra: कोल्हापुर की मशहूर Gokul Dairy के चुनाव को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य के सहकारिता विभाग को आदेश दिया है कि चुनाव कराने से पहले 1,320 प्राइमरी मेंबर सोसायटियों की जांच का काम 80 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। इस जांच के बाद ही डेयरी के अगले चुनावों की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
हाई कोर्ट ने जांच के लिए क्या आदेश दिया है?
बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जब तक सदस्य सोसायटियों की पात्रता तय नहीं हो जाती, तब तक चुनाव नहीं कराए जा सकते। कोर्ट ने राज्य के सहकारिता विभाग को 80 दिन का समय दिया है ताकि 1,320 सोसायटियों की बारीकी से जांच की जा सके। इससे पहले अप्रैल 2026 में कोर्ट ने तुरंत चुनाव कराने की मांग को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि करीब 1,200 सोसायटियों की पात्रता अभी तय नहीं है।
Gokul Dairy चुनाव में विवाद की मुख्य वजह क्या है?
इस पूरे मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी जुड़े हुए हैं। बीजेपी से जुड़े विधायक शिवाजी पाटिल ने आरोप लगाया था कि सरकारी नियमों को ताक पर रखकर 3,000 से ज्यादा मिल्क कलेक्शन सेंटर रजिस्टर किए गए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर ED जांच और स्वतंत्र प्रशासक नियुक्त करने की मांग की थी। वहीं, NCP के हसन मुशर्रिफ ने इन दावों को गलत बताया और कहा कि विवाद केवल 1,200 सोसायटियों के रजिस्ट्रेशन को लेकर है, न कि 3,000 को लेकर।
आगे की प्रक्रिया अब कैसे होगी?
मार्च 2026 में करीब 1,200 सदस्य सोसायटियों को रद्द करने के लिए याचिका दायर की गई थी। अब हाई कोर्ट के निर्देश के बाद सहकारिता विभाग अगले 80 दिनों में अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। एक बार जब इन सोसायटियों की पात्रता की जांच पूरी हो जाएगी, तब कोल्हापुर जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ (Gokul Dairy) के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Gokul Dairy चुनाव में देरी क्यों हो रही है?
चुनाव में देरी इसलिए हो रही है क्योंकि 1,320 सदस्य सोसायटियों की पात्रता पर विवाद है। हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि चुनाव से पहले इन सोसायटियों की जांच पूरी करना जरूरी है।
हाई कोर्ट ने जांच के लिए कितना समय दिया है?
बॉम्बे हाई कोर्ट की कोल्हापुर बेंच ने राज्य के सहकारिता विभाग को इन सोसायटियों की जांच पूरी करने के लिए 80 दिन की समय सीमा (डेडलाइन) तय की है।