Bihar के किशनगंज में भू-माफिया और तस्करों की खैर नहीं, अवैध संपत्ति की होगी आर्थिक जांच
Kishanganj: बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में अवैध तरीके से संपत्ति बनाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें भू-माफिया और
Kishanganj: बिहार के सीमावर्ती जिले किशनगंज में अवैध तरीके से संपत्ति बनाने वालों के खिलाफ प्रशासन ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है, जिसमें भू-माफिया और तस्करों की आर्थिक जांच की जाएगी। प्रशासन का मकसद उन लोगों को पकड़ना है जिन्होंने गलत तरीकों से अकूत संपत्ति जमा की है।
इस अभियान के तहत भू-माफिया, ड्रग्स तस्कर, अवैध बालू खनन के कारोबारियों और टैक्स चोरी करने वाले लोगों पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ऐसे संदिग्ध लोगों की लिस्ट तैयार कर रहा है जिनकी कमाई और उनकी संपत्ति में बहुत बड़ा अंतर है। जांच के दौरान उनके बैंक खातों, जमीनों और बिजनेस के लेन-देन की बारीकी से जांच होगी। अगर संपत्ति का कोई कानूनी स्रोत नहीं मिला, तो नियमों के हिसाब से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किशनगंज एक सीमावर्ती इलाका है, इसलिए यहां लंबे समय से तस्करी और बालू खनन जैसी समस्याएं रही हैं। पुलिस ने पिछले कुछ समय में करोड़ों के ड्रग्स जब्त किए हैं और कई तस्करों को पकड़ा भी है। अब प्रशासन की रणनीति यह है कि केवल अपराधियों को जेल न भेजा जाए, बल्कि उनकी कमाई के जरिए बनाए गए साम्राज्य को भी खत्म किया जाए।
| जांच के दायरे में आने वाले लोग | जांच के मुख्य बिंदु |
|---|---|
| भू-माफिया और ड्रग्स तस्कर | चल और अचल संपत्ति का विवरण |
| अवैध बालू खनन कारोबारी | बैंक ट्रांजैक्शन और वित्तीय स्रोत |
| GST और इनकम टैक्स चोरी करने वाले | घोषित आय बनाम वास्तविक संपत्ति |
| संदिग्ध व्यावसायिक प्रतिष्ठान | दस्तावेजों का सत्यापन |
इस पूरी प्रक्रिया में राजस्व, खनन, GST और इनकम टैक्स विभाग एक साथ मिलकर काम करेंगे। पहले भारत-नेपाल सीमा के पास 25 दुकानों की जांच शुरू हुई थी, लेकिन अब इसका दायरा उन सभी लोगों तक बढ़ा दिया गया है जिन्होंने बहुत कम समय में अचानक बड़ी संपत्ति बना ली है। एसडीपीओ खुसरु सिराज ने बताया कि प्रशासन की नजर सभी संदिग्धों पर है और विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।